पब्लिक स्वर,रायगढ़। रायगढ़ जिले में जीआरपी (GRP) पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हीराकुंड एक्सप्रेस ट्रेन से करीब 5 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया है। तस्करों ने गांजे को बेहद शातिर तरीके से ट्रेन के एसी कोच के बाथरूम की फॉल्स सीलिंग में छिपा रखा था। हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान कोई तस्कर पकड़ में नहीं आया और आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
कंट्रोल रूम की सूचना पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार जीआरपी थाना रायगढ़ को कमर्शियल कंट्रोल के माध्यम से सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 20807 हीराकुंड एक्सप्रेस के एम-1 कोच में बड़ी मात्रा में गांजे की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम सक्रिय हुई और रायगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर ट्रेन के पहुंचने का इंतजार किया गया। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही पुलिस टीम ने संबंधित कोच में सघन जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान कोच के बाथरूम की फॉल्स सीलिंग में संदिग्ध पैकेट छिपे होने की जानकारी मिली।
फॉल्स सीलिंग से मिले 10 पैकेट
पुलिस ने बाथरूम की फॉल्स सीलिंग खोलकर तलाशी ली तो वहां खाकी रंग के सेलो टेप से लिपटे 10 पैकेट बरामद हुए। जांच में इन पैकेटों में गांजा होना पाया गया। जब्त गांजे का कुल वजन 10.200 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 लाख रुपये आंकी गई है।
ओडिशा से सप्लाई की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि गांजे की खेप ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए अन्य राज्यों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ट्रेन में रखी गई थी। पुलिस ने आसपास के यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन गांजे के वास्तविक मालिक या तस्करों का कोई सुराग नहीं मिल सका। जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों की जानकारी और ट्रेन के रूट से जुड़े अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
जीआरपी रायगढ़ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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