पब्लिक स्वर,बालोद। बालोद जिले के डौंडीलोहारा क्षेत्र में स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कुसुमकसा के अंतर्गत ग्राम चिपरा के खाद-बीज गोदाम में एक बार फिर चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर गोदाम से नवरत्ना कंपनी की 68 बोरी डीएपी खाद चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही डौंडीलोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने चोरों का सुराग लगाने के लिए डॉग स्क्वायड टीम की भी मदद ली है। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके में जांच की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
किसानों के लिए जरूरी खाद पर चोरों की नजर
डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण उर्वरकों में से एक माना जाता है। खेती-किसानी के सीजन में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में बड़ी मात्रा में डीएपी की चोरी न केवल सहकारी समिति के लिए आर्थिक नुकसान है, बल्कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी असर डाल सकती है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी चोरी
यह पहला मामला नहीं है जब चिपरा के खाद गोदाम को चोरों ने निशाना बनाया हो। इससे पहले 15 मई 2024 को भी इसी गोदाम से खाद की बड़ी खेप चोरी हुई थी। उस दौरान चोर 35 बोरी डीएपी, 12 बोरी पोटाश, 7 बोरी यूरिया और 8 बोरी सुपरफास्फेट लेकर फरार हो गए थे।
हैरानी की बात यह है कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उस चोरी का खुलासा नहीं हो पाया है और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है। ऐसे में ताजा चोरी की घटना ने गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लगातार दूसरी बार खाद गोदाम में चोरी होने से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि पिछली घटना के बाद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, तो संभवतः इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होती।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस बार खाद चोरी के आरोपियों तक पहुंच पाएगी, या फिर यह मामला भी पिछले वर्ष की तरह फाइलों में ही सिमटकर रह जाएगा।

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