पब्लिक स्वर,धमतरी। भीषण गर्मी के बीच धमतरी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 हटकेशर चापड़ा में पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। पिछले कई दिनों से पानी की किल्लत से जूझ रहे वार्डवासियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। नाराज लोगों ने वार्ड में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की चेतावनी देते हुए ‘नो एंट्री’ का बोर्ड तक टांग दिया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले करीब दस दिनों से वार्ड में नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही है। कभी पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि बर्तन तक नहीं भर पाते, तो कभी सप्लाई पूरी तरह बंद हो जाती है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों की दिनचर्या सिर्फ पानी जुटाने तक सीमित होकर रह गई है। सुबह से लेकर देर शाम तक महिलाएं और बुजुर्ग बर्तन लेकर पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मजबूरी में लोग गंगरेल बांध के पास नाले से रिस रहे दूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। गंदे पानी के सेवन से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और वार्ड में महामारी फैलने की आशंका भी जताई जा रही है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
वार्ड की एक दिव्यांग महिला की तस्वीर भी लोगों की परेशानी बयां कर रही है, जो तपती धूप में पानी भरने के लिए संघर्ष करती नजर आई। इससे लोगों में निगम प्रशासन के खिलाफ और अधिक नाराजगी बढ़ गई है।
गुस्साए वार्डवासियों ने पोस्टर लगाकर साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो किसी भी नेता या अधिकारी को वार्ड में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। लोगों का कहना है कि “जब जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, तब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा।”
इधर मामले में नगर निगम धमतरी के उपायुक्त प्रवीण सार्वा ने बताया कि पाइपलाइन में कचरा फंसने के कारण पानी सप्लाई प्रभावित हुई है। निगम की टीम पाइपलाइन की सफाई में जुटी हुई है। साथ ही टैंकरों के माध्यम से वार्ड में पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही पेयजल व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।

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