पब्लिक स्वर,अभनपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कर चोरी के खिलाफ राज्य जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर जिले के आरंग और अभनपुर क्षेत्र में संचालित कई उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में करीब एक करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। पिछले एक सप्ताह से चल रहे विशेष अभियान के तहत विभाग ने बिस्किट, बेकरी, बारदाना, पोल्ट्री, पेवर ब्लॉक और पेयजल कारोबार से जुड़े कई प्रतिष्ठानों की जांच की, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे, कारोबार भी छिपाया
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कई कारोबारी भारी उत्पादन और व्यापार करने के बावजूद या तो नियमित रूप से जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे या फिर अपने वास्तविक कारोबार की तुलना में बेहद कम टर्नओवर दिखा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार अभनपुर के कोलर स्थित एक बिस्किट फैक्ट्री, सेजबहार क्षेत्र के किराना एवं बेकरी कारोबारियों और कुछ पोल्ट्री संचालकों के यहां अब तक लगभग एक करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी जा चुकी है। विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है, इसलिए कर चोरी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
गोपनीय तरीके से चल रहा था कारोबार
जांच के दौरान अधिकारियों को कई ऐसे तथ्य मिले, जिन्होंने संदेह को और मजबूत किया। कई फैक्ट्रियां ऊंची दीवारों और बंद परिसरों के भीतर संचालित हो रही थीं, जहां बाहरी लोगों का प्रवेश लगभग प्रतिबंधित था। कर्मचारियों को भी कारोबार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। इतना ही नहीं, माल परिवहन में इस्तेमाल होने वाले कई वाहनों पर कोई स्पष्ट पहचान चिह्न नहीं था। कई मामलों में बिना वैध इनवॉइस के माल की ढुलाई किए जाने के संकेत भी मिले, जो जीएसटी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है।
छापे से पहले कई दिनों तक चली निगरानी
जीएसटी विभाग ने कार्रवाई से पहले संबंधित क्षेत्रों में विस्तृत और गोपनीय निगरानी अभियान चलाया। अधिकारियों ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले वाहनों की गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग की, माल की आवाजाही पर नजर रखी और कर्मचारियों व स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई। सूत्रों के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित करने के बाद ही विभाग ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे कर चोरी के नेटवर्क का खुलासा हो सका।
नए जीएसटी प्रावधानों से बढ़ेगी सख्ती
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी कानून में हाल ही में किए गए संशोधनों के बाद कर चोरी और फर्जीवाड़े के मामलों में कार्रवाई और अधिक कठोर हो गई है। बार-बार कर चोरी या फर्जी दस्तावेजों के जरिए टैक्स बचाने वाले कारोबारियों पर गैर-जमानती अपराध के प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं। इसका मतलब है कि गंभीर मामलों में आरोपियों को सीधे गिरफ्तारी और जेल की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
शहर के बाहरी इलाकों पर विशेष नजर
स्टेट जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि रायपुर शहर के बाहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में ही लाखों रुपये की कर चोरी सामने आई है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और टैक्स चोरी तथा फर्जीवाड़े के मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मामले में आगे की अपडेट के लिए बने रहे पब्लिक स्वर के साथ ।

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