राजेश रात्रे
पब्लिक स्वर,भखारा/धमतरी।धमतरी जिले के भखारा में बहुचर्चित सराफा व्यापारी रावलमल आत्महत्या मामले में अब तक का सबसे बड़ा और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। लगातार सच सामने लाने वाली पब्लिक स्वर की खोजी पत्रकारिता ने उस शख्स का पर्दाफाश कर दिया है, जिसने सेटिंग, दबाव और सौदेबाज़ी के जरिए पूरे मामले को दबाने की साजिश रची।
मामला दबाने की साजिश की परतें खुलीं
पिछले तीन वर्षों से आरोपी नवीन चोपड़ा और लखपत राजपुरोहित को कथित तौर पर पुलिसिया संरक्षण मिलता रहा। फरार आरोपियों को अदालत से जमानत मिलने के बाद भी जब कार्रवाई ठंडे बस्ते में जाती दिखी, तब पब्लिक स्वर ने सूचना का अधिकार (RTI) के जरिए सच्चाई जानने की कोशिश की।
यहीं से शुरू हुआ असली खेल।
दस्तावेजों पर दस्तखत से बचता रहा ‘सेटिंगबाज़’
पीड़ित परिवार के रिश्तेदार और शुभ ज्वैलर्स के संचालक राजा सोनी ने आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से लगातार आनाकानी की।
जब पब्लिक स्वर के पत्रकार ने सीधे राजा सोनी से सवाल किए, तो उसने साफ कहा:
“पेपर में मत छापना…”
पत्रकार द्वारा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर न करने का कारण पूछने पर राजा सोनी ने कबूल किया कि
“मैं मेरा सेटलमेंट का चांदी कम करवाया हूं”
यानी साफ है कि सेटलमेंट हो चुका है।
पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग पब्लिक स्वर के पास मौजूद है।
पत्रकार को 4 लाख की रिश्वत की पेशकश!
यहीं नहीं, राजा सोनी ने हद पार करते हुए पब्लिक स्वर के पत्रकार को
“आपको भी 4 लाख रुपये दिलवा देता हूं”
जैसी खुली रिश्वत की पेशकश कर डाली।
पत्रकार का दो टूक जवाब था
“हमें पैसे की जरूरत नहीं, हमें काम करना है ।”
पुराना लेन-देन, कर्ज और अब बड़ा खेल
जांच में सामने आया है कि राजा सोनी का आरोपियों से पुराना लेन-देन और कर्ज का रिश्ता रहा है। इसी रिश्ते के दम पर उसने सदमे में डूबे पीड़ित परिवार को अंधेरे में रखकर पूरे आत्महत्या मामले को सेटिंग और सौदेबाज़ी से दबाने की कोशिश की।
अब सवाल
अब मामला कोर्ट में लंबित है लेकिन सवाल यह है कि पीड़ित परिवार को अब न्याय मिलेगा?क्योंकि अब जगह जगह पीड़ित परिवार की आढ़ में उन्हें गुमराह कर ऐसे लोग व्यापारियों का करोड़ों डकारने की जुगत में है।

Public Swar Desk










