पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले में प्रस्तावित सैनिक स्कूल को लेकर सामने आई जानकारी को देखते हुए यह सिर्फ एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा ढांचे में संभावित बदलाव का संकेत है। राज्य स्तर से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव का रक्षा मंत्रालय तक पहुंचना यह दर्शाता है कि परियोजना अब प्रारंभिक औपचारिकताओं से आगे बढ़कर क्रियान्वयन के चरण की ओर अग्रसर है।
धमतरी में सैनिक स्कूल: शिक्षा और अवसरों का नया केंद्र
धमतरी। जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 500 सीटों की क्षमता वाले सैनिक स्कूल की स्थापना का प्रस्ताव अब केंद्रीय स्तर पर विचाराधीन है। राज्य सरकार से अनुमोदन मिलने के बाद इसे मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को भेजा जा चुका है, जिससे यह परियोजना अब निर्णायक प्रक्रिया में प्रवेश कर चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित सैनिक स्कूल रायपुर संभाग का सबसे बड़ा सैनिक स्कूल होगा। आधुनिक अधोसंरचना और उन्नत सुविधाओं से लैस इस संस्थान के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा संभावित स्थल का निरीक्षण जल्द किए जाने की संभावना है। निरीक्षण के बाद उपयुक्त भूमि का चयन कर आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
शिक्षा के साथ सैन्य करियर की मजबूत नींव
सैनिक स्कूलों का उद्देश्य केवल स्कूली शिक्षा देना नहीं होता, बल्कि छात्रों को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रीय सेवा की भावना से भी जोड़ना होता है। धमतरी में इस स्कूल के शुरू होने से आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
यह संस्थान विशेष रूप से उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा, जो भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाना चाहते हैं। सैनिक स्कूलों से पढ़े छात्र राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और अन्य रक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए बेहतर रूप से तैयार होते हैं। ऐसे में यह पहल क्षेत्र के युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोल सकती है।
स्थानीय विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना का प्रभाव केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूल के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। निर्माण कार्य, प्रशासनिक स्टाफ, शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की आवश्यकता से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।
विद्यालय परिसर में आधुनिक कक्षाएं, खेल सुविधाएं, छात्रावास, पुस्तकालय और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जो एक समग्र शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेंगे। इससे धमतरी जिले की पहचान एक उभरते शैक्षणिक हब के रूप में मजबूत हो सकती है।
प्रशासन की प्राथमिकता में परियोजना
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने इस पहल को जिले के लिए ऐतिहासिक बताया है। उनके अनुसार, राज्य स्तर से प्रस्ताव का स्वीकृत होकर रक्षा मंत्रालय तक पहुंचना एक बड़ी प्रगति है। जिला प्रशासन इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भूमि चयन, आधारभूत ढांचे और अन्य तैयारियों पर तेजी से काम कर रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निरीक्षण प्रक्रिया को सफल बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके।

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