पब्लिक स्वर,सूरजपुर। सूरजपुर जिले के दूरस्थ ग्राम पंचायत उमझर में बुधवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां भीषण आग लगने से पूर्व पंचायत सचिव ईश्वर सिंह (55 वर्ष) की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना ने न सिर्फ एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन सुविधाओं की कमी को भी उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, घटना चांदनी-बिहारपुर थाना क्षेत्र के उमझर गांव की है। बुधवार सुबह अज्ञात कारणों से ईश्वर सिंह के घर में अचानक आग लग गई। उस समय वे घर में अकेले मौजूद थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने बाहर गए हुए थे। शुरुआती चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और पूरा मकान आग की चपेट में आ गया।
आसपास के ग्रामीणों ने आग की लपटें उठती देख तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि घर के अंदर फंसे ईश्वर सिंह तक पहुंच पाना संभव नहीं हो सका। देखते ही देखते पूरा घर जलकर खाक हो गया और ईश्वर सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सूचना मिलते ही माहेरसोप पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के बाद जले हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। घटना की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य भी वापस लौटे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई है, हालांकि अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है—ओड़गी ब्लॉक जैसे बड़े क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा का अभाव। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय पर दमकल की व्यवस्था होती, तो शायद आग पर काबू पाया जा सकता था और एक जान बचाई जा सकती थी।

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