पब्लिक स्वर,धमतरी। शहर के साल्हेवार पारा वार्ड स्थित गाड़ापारा क्षेत्र में शनिवार को नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए बुलडोजर लेकर पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विरोध के कारण बुलडोजर की कार्रवाई कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी, लेकिन निगम का अमला हथौड़ों और अन्य उपकरणों की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखता रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार बहस और तनातनी का माहौल बना रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय, उचित नोटिस और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना उनके मकानों को हटाया जा रहा है। वहीं, नगर निगम अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे और कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
नगर निगम के अनुसार, क्षेत्र में करीब आठ मकानों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना है। विरोध और हंगामे के बावजूद पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान जारी रहा। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
गौमांस मिलने की सूचना के बाद बढ़ी हलचल
गौरतलब है कि 11 जून को हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को सूचना दी थी कि साल्हेवारपारा वार्ड के गाड़ापारा इलाके में एक व्यक्ति कथित रूप से अवैध तरीके से गौमांस काट रहा है। सूचना मिलने पर मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उनका दावा है कि एक व्यक्ति बस्ती के भीतर मांस काटते हुए दिखाई दिया, जो उन्हें देखकर फरार हो गया।
सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध मांस को जब्त कर लिया। मामले की जांच के लिए पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. सुरेंद्र मरकाम और डॉ. मयंक पटेल भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में करीब 86 किलो पशु मांस बरामद होने की पुष्टि हुई है। हालांकि, यह मांस गाय का है या किसी अन्य पशु का, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। मांस के नमूने जांच के लिए हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मांस की वास्तविक पहचान और मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

User 1












