पब्लिक स्वर,खैरागढ़। शहर के नए बस स्टैंड में शनिवार देर रात हुई डीजल चोरी की बड़ी घटना ने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने परिसर में खड़ी पांच यात्री बसों से करीब 300 लीटर डीजल चोरी कर लिया। हैरानी की बात यह है कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई, लेकिन आरोपियों को रोकने वाला कोई नहीं था और वे आराम से मौके से फरार हो गए।
आधे घंटे तक चलता रहा चोरी का खेल
जानकारी के अनुसार, देर रात करीब 2 बजे एक सफेद स्कॉर्पियो नए बस स्टैंड परिसर में पहुंची। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि वाहन से उतरे कुछ युवक सीधे बसों के पास पहुंचे और उनके डीजल टैंकों के ताले तोड़ने लगे। इसके बाद उन्होंने गैलनों में डीजल भरकर वाहन में रखा। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एक-दो नहीं, बल्कि पांच बसों को निशाना बनाया और करीब आधे घंटे तक बिना किसी व्यवधान के डीजल निकालते रहे। इससे यह सवाल उठ रहा है कि रात के समय बस स्टैंड में सुरक्षा और निगरानी की वास्तविक स्थिति क्या है।
CCTV था, लेकिन नहीं था कोई पहरा
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस बस स्टैंड को यात्रियों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से लैस बताया जाता है, वहां कैमरे केवल रिकॉर्डिंग तक सीमित नजर आए। फुटेज में आरोपियों की गतिविधियां स्पष्ट दिखाई दे रही हैं, लेकिन मौके पर न तो कोई सुरक्षा कर्मी पहुंचा और न ही किसी तरह की तत्काल कार्रवाई हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कैमरे तभी प्रभावी माने जाएंगे जब उनके साथ सक्रिय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद हो।
पहले भी मिलते रहे हैं असामाजिक गतिविधियों के संकेत
बस संचालकों के मुताबिक, बस स्टैंड परिसर में रात के समय असामाजिक तत्वों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। कई बार बसों के भीतर और आसपास शराब की बोतलें, डिस्पोजेबल ग्लास और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। इस संबंध में शिकायतें भी की जाती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका। संचालकों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता तो इतनी बड़ी चोरी की घटना को रोका जा सकता था।
सिर्फ चोरी नहीं, सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल डीजल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा में मौजूद खामियों को उजागर करती है। यदि अपराधी बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर खड़ी पांच बसों के टैंक खाली कर सकते हैं, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। खास बात यह भी है कि खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ डीजल की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में बड़ी मात्रा में चोरी किया गया ईंधन अवैध तरीके से खपाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। फुटेज में दिखाई दे रही सफेद स्कॉर्पियो और उसमें सवार युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

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