पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर जिले में डीजल संकट अब आम लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बनता जा रहा है। शहर और आसपास के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म हो चुका है, जबकि जहां ईंधन उपलब्ध है वहां भी सीमित मात्रा में ही दिया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बिलासपुर से गौरेला जा रही एक यात्री बस बीच रास्ते में डीजल खत्म होने के कारण बंद हो गई। बस में सवार यात्रियों को तेज गर्मी के बीच करीब तीन घंटे तक सड़क किनारे इंतजार करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 9 बजे यात्री बस बिलासपुर बस स्टैंड से गौरेला के लिए रवाना हुई थी। रवाना होने से पहले बस चालक और ऑपरेटर ने शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों — राजीव गांधी चौक, मंदिर चौक और सीपत चौक — पर डीजल लेने की कोशिश की, लेकिन सुबह साढ़े नौ बजे तक किसी भी पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं मिला।
रास्तेभर डीजल की तलाश, फिर भी नहीं मिला ईंधन
बस ऑपरेटर के मुताबिक काफी प्रयास के बाद रतनपुर से पहले पेंडरवा इलाके में केवल एक हजार रुपये का डीजल मिल पाया, जिसके भरोसे बस आगे बढ़ी। लेकिन रतनपुर-बेलगहना मार्ग पर स्थिति और खराब मिली। खैरा, बारीडीह, कंचनपुर, गरसागर और बेलगहना स्थित पांच पेट्रोल पंपों पर भी डीजल उपलब्ध नहीं था।
लगातार ईंधन की तलाश के बावजूद दोपहर करीब 12 बजे गरसागर के पास बस पूरी तरह बंद हो गई। बस में 20 से 25 यात्री सवार थे। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच यात्रियों को सड़क किनारे इंतजार करना पड़ा। कई यात्री छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर कर रहे थे, जिससे परेशानी और बढ़ गई।
दूसरे वाहनों से भेजे गए यात्री
बस बंद होने के बाद स्थानीय लोगों और अन्य बस चालकों की मदद से यात्रियों को दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। काफी मशक्कत के बाद कंचनपुर इलाके में चार हजार रुपये का डीजल मिला, तब जाकर बस किसी तरह वापस बिलासपुर लौट सकी।
परिवहन व्यवस्था पर संकट के संकेत
डीजल की कमी का असर अब सार्वजनिक परिवहन पर साफ दिखाई देने लगा है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो लंबी दूरी की कई बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। मालवाहक वाहनों और निजी परिवहन संचालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सवालों के घेरे में आपूर्ति व्यवस्था
लगातार कई पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म होने की घटनाओं ने ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो आने वाले दिनों में परिवहन, व्यापार और रोजमर्रा की गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से डीजल संकट को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

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