पब्लिक स्वर,रायगढ़। आईपीएल फाइनल मुकाबले गुजरात टाइटंस (GT) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) पर संचालित किए जा रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के एक संगठित नेटवर्क का रायगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जिले में जुआ और सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत साइबर थाना और खरसिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले से जुड़े तीन अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक नोट गिनने की मशीन जब्त की है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस को सूचना मिली थी कि खरसिया के गंज बाजार क्षेत्र में आईपीएल फाइनल मैच की हार-जीत पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में साइबर थाना और खरसिया पुलिस की टीमों ने एक साथ दबिश दी।
दो सटोरिए गिरफ्तार, मोबाइल से मिले डिजिटल सबूत
पुलिस ने गंज बाजार क्षेत्र से गगन अग्रवाल (28) और शुभम अग्रवाल उर्फ कालू (30) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि स्थानीय लोगों से नकद राशि लेकर सट्टा खिलाया जाता था। जांच के दौरान आरोपियों ने रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के साथ मिलकर सट्टा सिंडिकेट चलाने की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक वनप्लस नॉर्ड और एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन जब्त किया, जिनसे ऑनलाइन सट्टे से जुड़े तकनीकी साक्ष्य और आईडी प्राप्त हुए हैं।
पुलिस पहुंची तो फरार हो गया मुख्य आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम एसबीआई बैंक के पीछे स्थित गोपाल राइस मिल कॉलोनी में साहिल अग्रवाल के घर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही साहिल अग्रवाल मौके से फरार हो गया। हालांकि वह अपने साथ रखे दो बैग और नोट गिनने की मशीन वहीं छोड़ गया। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों और परिजनों की मौजूदगी में बैगों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों में 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद बरामद हुए। रकम के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
कारोबार में खपाई जाती थी सट्टे की रकम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साहिल अग्रवाल सट्टे से प्राप्त रकम को अपने व्यवसाय में लगाकर कमीशन के रूप में लाभ अर्जित करता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सट्टा नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग जुड़े हुए थे।
संगठित गिरोह के रूप में दर्ज हुआ मामला
प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन को एक संगठित गिरोह की गतिविधि पाए जाने पर पुलिस ने गगन अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल साहिल अग्रवाल, रिकेश राय और अर्जुन राठौर फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पहले भी सट्टे के मामले में पकड़ा जा चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी गगन अग्रवाल का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इसी वर्ष मार्च महीने में थाना चक्रधरनगर क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे से संबंधित कार्रवाई में उसका नाम सामने आया था।
पुलिस का कहना है कि आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान सक्रिय होने वाले ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर निगरानी बढ़ा दी गई है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।

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