पब्लिक स्वर,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा -मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज अपहरण की घटना सामने आई है। दो बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक व्यापारी के घर पहुंचे और पिस्टल की नोक पर उसे जबरन कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों और अपहृत व्यापारी की तलाश शुरू कर दी है।
घर के बाहर सो रहे थे व्यापारी, तभी पहुंची कार
जानकारी के अनुसार, मरवाही थाना क्षेत्र के उषाढ गांव निवासी गिरीश यादव किराना दुकान, छड़-सीमेंट व्यवसाय और आटा चक्की का संचालन करते हैं। शनिवार दोपहर करीब 11 बजे गिरीश यादव अपने घर के गलियारे में आराम कर रहे थे, जबकि उनका बेटा पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की एक कार में सवार दो युवक वहां पहुंचे। उन्होंने पहले दुकान से सिगरेट और पानी खरीदा, फिर पंकज से उसके पिता के बारे में जानकारी ली। पंकज जैसे ही अपने पिता को बुलाने के लिए घर के अंदर गया, दोनों युवक भी उसके पीछे घर में घुस गए।
पिस्टल दिखाकर कहा- हम पुलिस वाले हैं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बदमाशों ने गिरीश यादव को नींद से जगाया और स्टील रंग की पिस्टल दिखाकर खुद को पुलिसकर्मी बताया। जब व्यापारी ने विरोध किया तो आरोपियों ने पैर में गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद दोनों ने गिरीश यादव को जबरन पकड़कर बाहर लाया और कार में बैठाकर फरार हो गए। घटना के दौरान परिजन लगातार विरोध करते रहे, लेकिन बदमाश नहीं रुके।
बेटे ने देखा कार नंबर का हिस्सा
अपहरण के समय व्यापारी के बेटे पंकज ने कार के नंबर का कुछ हिस्सा देखने का दावा किया है। उसके मुताबिक वाहन के नंबर में "OD 8552" अंक दिखाई दिए थे। पुलिस इस सुराग के आधार पर भी जांच आगे बढ़ा रही है।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति व्यापारी को जबरन पकड़कर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में आरोपियों की कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाश तेजी से वाहन दौड़ाते हुए मरवाही की ओर भाग निकले।
पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटीं
व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव की शिकायत पर मरवाही थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि व्यापारी को ले जाने वाले लोग वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे, बल्कि पुलिस की आड़ लेकर वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर आरोपियों और अपहृत व्यापारी की तलाश कर रही हैं।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।

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