पब्लिक स्वर,अभनपुर/रायपुर। अनुविभागीय राजस्व एवं तहसील न्यायालय अभनपुर में कर्मचारियों की कमी का असर अब राजस्व मामलों के निराकरण पर साफ दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से एक दर्जन से अधिक पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) के पद रिक्त होने के कारण भूमि संबंधी कई महत्वपूर्ण प्रकरण लंबित पड़े हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार विवादित भूमि, नामांतरण, सीमांकन, बटांकन, नक्शा सुधार तथा त्रुटि सुधार जैसे मामलों में समय पर जांच और प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते राजस्व न्यायालयों में मामलों के निपटारे की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
स्थिति यह है कि अधिकांश पटवारियों को अपने मूल हल्के के साथ अतिरिक्त हल्कों का भी कार्यभार संभालना पड़ रहा है। वहीं कई राजस्व निरीक्षकों को दो-दो क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। बढ़े हुए कार्यभार के कारण मैदानी निरीक्षण, जांच और रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विलंब हो रहा है, जिसका सीधा असर राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि भूमि संबंधी मामलों के लंबित रहने से खेती-किसानी और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई आवेदक महीनों से अपने प्रकरणों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
स्थानीय नागरिकों और किसानों ने शासन-प्रशासन से रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति करने तथा राजस्व अमले को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति होने से राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण संभव होगा और लोगों को राहत मिलेगी।

User 1












