पब्लिक स्वर,अभनपुर/गोबरा नवापारा/रायपुर। गोबरा नवापारा नगर में पेयजल संकट समेत विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर मंगलवार को आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हरिहर स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं खाली मटकी और तख्तियां लेकर पहुंचीं तथा नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर क्षेत्र में लंबे समय से कई बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से उनका प्रभावी समाधान नहीं किया जा रहा है। महिलाओं ने विशेष रूप से पेयजल संकट को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई वार्डों में लोगों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
अवैध कारोबार, बिजली कटौती और पेंशन भुगतान का भी मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और नागरिकों ने नगर में अवैध रेत एवं अन्य खनिजों के परिवहन, अवैध शराब बिक्री, किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं होने तथा गरीब एवं पात्र हितग्राहियों को समय पर पेंशन नहीं मिलने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार बिजली कटौती के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किसान खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के समक्ष ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
खाली मटकी फोड़कर जताया विरोध
पानी की समस्या को लेकर नाराज महिलाओं ने आयोजन स्थल पर खाली मटकी पटककर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जनहित के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। "भाजपा सरकार मुर्दाबाद", "जनविरोधी नीतियां बंद करो" और "जनता को मूलभूत सुविधाएं दो" जैसे नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सुशासन के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई देता है।
प्रशासन ने दिया समाधान का आश्वासन
स्थिति को देखते हुए मौके पर पहुंचे अभनपुर एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों के माध्यम से समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और कार्यक्रम समाप्त हुआ। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रमुख मांगें
पेयजल संकट का स्थायी समाधान, अवैध रेत एवं खनिज परिवहन पर रोक, अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई, पात्र हितग्राहियों को समय पर पेंशन भुगतान, किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना, लगातार बिजली कटौती पर नियंत्रण। सुशासन तिहार के दौरान हुआ यह प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर जनता की नाराजगी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर बढ़ती चिंता को सामने लाता है। अब निगाहें प्रशासन के उन कदमों पर टिकी हैं, जो इन समस्याओं के समाधान के लिए उठाए जाएंगे।

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