पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर में कथित तीन तलाक का एक मामला सामने आया है, जिसमें कुवैत में कार्यरत एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी को फोन पर तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध समाप्त करने की कोशिश करने का आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला राजातालाब क्षेत्र की निवासी है। उसकी शादी वर्ष 2008 में चौरसिया कॉलोनी निवासी शाहिद रजा से हुई थी। विवाह के बाद दंपति के दो बच्चे हुए और कई वर्षों तक पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से चलता रहा। हालांकि कुछ समय बाद शाहिद रोजगार के सिलसिले में कुवैत चला गया और वहीं रहने लगा।
विदेश जाने के बाद बढ़ी दूरियां
महिला का आरोप है कि कुवैत जाने के बाद पति ने परिवार से दूरी बना ली। वह लंबे समय से घर नहीं लौटा और न ही पत्नी व बच्चों को अपने साथ विदेश ले गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पति ने परिवार की जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन नहीं किया, जिससे दोनों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी रही।
बताया जा रहा है कि हाल ही में फोन पर हुई बातचीत के दौरान पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की और फोन पर तीन बार “तलाक” कहकर संबंध समाप्त करने की बात कही। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति ने उसे अपनी पत्नी मानने से भी इनकार कर दिया।
थाने पहुंची पीड़िता, दर्ज हुआ मामला
घटना से आहत महिला ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति के खिलाफ प्रताड़ना और तीन तलाक से संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी वर्तमान में कुवैत में कार्यरत है। जांच के दौरान कॉल रिकॉर्ड, बातचीत से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
तीन तलाक कानून क्या कहता है?
भारत में मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 लागू है। इस कानून के तहत एक साथ या किसी भी माध्यम से दिए गए तत्काल तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को अवैध और शून्य माना गया है। ऐसा करने पर पति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान भी है। कानून का उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फिलहाल रायपुर का यह मामला जांच के चरण में है और पुलिस साक्ष्यों के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। आरोपी पक्ष का बयान सामने आना अभी बाकी है, इसलिए मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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