पब्लिक स्वर,दुर्ग। दुर्ग जिले के कोड़िया धान खरीदी केंद्र में शनिवार को अचानक भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। आग की चपेट में आने से केंद्र में संग्रहित करीब 300 क्विंटल धान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते धान के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया, लेकिन भीषण गर्मी और तेज लपटों के कारण आग को नियंत्रित करने में काफी कठिनाई हुई। अग्निशमन विभाग के अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। आग की तीव्रता को देखते हुए लगातार प्रयास किए गए और करीब पांच टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के क्षेत्र में पैरा (पराली) में आग लगाई गई थी, जिसकी चिंगारी धान संग्रहण केंद्र तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने तथा आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार आग से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। शुरुआती अनुमान में लगभग 300 क्विंटल धान के नुकसान की बात सामने आई है। मामले की जांच जारी है।

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