पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुढ़ियारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 249 शीशी नशीली कफ सिरप (करीब 25 लीटर) और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। बरामद सामग्री की कुल कीमत लगभग 1.40 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनिल कुमार साहू (33 वर्ष) निवासी मंगलवाड़ा, चरौदा, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी महाराष्ट्र के औरंगाबाद से प्रतिबंधित सिरप लाकर रायपुर और भिलाई क्षेत्र में इसकी अवैध बिक्री करता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी अपनी चौथी खेप की बिक्री से पहले ही पकड़ लिया गया।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
गुढ़ियारी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि झाबक पेट्रोल पंप के पास एक युवक प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप लेकर ग्राहक की तलाश में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर घेराबंदी की। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में गुढ़ियारी थाना पुलिस की टीम ने संदिग्ध युवक को पकड़कर पूछताछ की।
बैग की तलाशी में मिला बड़ा जखीरा
पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर आरोपी के बैग से 249 शीशी कोडीनयुक्त प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुई। इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। जब्त सिरप की मात्रा और उसके वितरण के तरीके को देखते हुए पुलिस इसे संगठित तस्करी नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
कोडीनयुक्त सिरप क्यों है चिंता का विषय?
कोडीन एक ओपिऑयड (Opioid) वर्ग की दवा है, जिसका सीमित और चिकित्सकीय उपयोग खांसी के इलाज में किया जाता है। लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के रूप में किए जाने के कारण कई राज्यों में इसकी अवैध तस्करी और बिक्री लगातार चुनौती बनी हुई है। युवाओं के बीच नशे के बढ़ते चलन के चलते पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियां ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रख रही हैं।
नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गुढ़ियारी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि सिरप की सप्लाई चेन में कौन-कौन लोग शामिल हैं, माल कहां से और किस माध्यम से रायपुर पहुंचाया जा रहा था तथा इसके खरीदार कौन थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मिली जानकारी के आधार पर सप्लायर, वितरक और खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।

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