पब्लिक स्वर,कोरबा। कोरबा जिले में एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। परिवार का पेट पालने फैक्ट्री पहुंची एक महिला मजदूर की मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद मृतिका के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और कई घंटों तक फैक्ट्री परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।
घटना कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित प्रेम एंटरप्राइजेज राखड़ ईंट फैक्ट्री की है। जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 3 बजे फैक्ट्री में काम के दौरान यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में उस समय चार से पांच मजदूर मौजूद थे। मृतिका बिछनी बाई (26 वर्ष) लंबे समय बाद उसी दिन काम पर लौटी थी।
चालू मशीन साफ करते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिछनी बाई मशीन की सफाई कर रही थी। इसी दौरान मशीन चालू हालत में थी और अचानक उसका लीवर नीचे गिर गया। महिला मशीन की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि फैक्ट्री में मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों में मशीनों की सफाई के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य माना जाता है, लेकिन इस मामले में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
नाबालिग बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतिका अपने पीछे एक नाबालिग बेटे को छोड़ गई है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक उसी पर थी। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना था कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन गंभीर नहीं है और इसी लापरवाही ने एक परिवार को उजाड़ दिया।
मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण
हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया और स्थानीय जनप्रतिनिधि अरविंद भगत भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ आंदोलन पर बैठ गए। करीब चार घंटे तक फैक्ट्री प्रबंधन, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बातचीत चली। लंबे मंथन के बाद मुआवजे को लेकर सहमति बनी।
पीड़ित परिवार को यह सहायता देने पर बनी सहमति
समझौते के तहत फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि के रूप में 75 हजार रुपये दिए गए। इसके अलावा— मृतिका के बेटे के नाम पर 2 लाख रुपये की एफडी, बेटे के 18 वर्ष की आयु तक हर महीने 1500 रुपये भरण-पोषण राशि, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।

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