पब्लिक स्वर,बालोद। अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में लगातार बढ़ती भीड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस समस्या को फिर उजागर कर दिया है। वीडियो में बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन के दरवाजों पर लटककर यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि बोगियों के अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं बची है।
जानकारी के अनुसार, यह कोई एक दिन की स्थिति नहीं है। बालोद, गुंडरदेही और दल्ली राजहरा क्षेत्र से रोजाना दुर्ग और रायपुर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को लंबे समय से इसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनमें छात्र, छोटे व्यवसायी, निजी कर्मचारी, मजदूर और अन्य दैनिक यात्री शामिल हैं, जो रोजगार, शिक्षा और व्यवसायिक कार्यों के लिए इस ट्रेन सेवा पर निर्भर हैं।
रोजाना का संघर्ष बना सफर
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि दल्ली राजहरा-बालोद क्षेत्र से दुर्ग और रायपुर तक पहुंचने के लिए ट्रेन सबसे किफायती और समय बचाने वाला साधन है। सड़क मार्ग की तुलना में ट्रेन यात्रा न केवल सस्ती पड़ती है, बल्कि ट्रैफिक की समस्या से भी राहत देती है। यही कारण है कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।हालांकि, यात्रियों के मुताबिक इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या सीमित है और उपलब्ध डेमू ट्रेनों में भी अपेक्षाकृत कम बोगियां लगाई जाती हैं। नतीजतन, पीक आवर्स के दौरान ट्रेन में इतनी भीड़ हो जाती है कि कई यात्रियों को दरवाजों पर खड़े होकर या लटककर यात्रा करनी पड़ती है।
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
रेलवे सुरक्षा नियमों के अनुसार चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर या बाहर लटककर यात्रा करना बेहद खतरनाक माना जाता है। इसके बावजूद रोजाना सैकड़ों यात्री मजबूरी में ऐसा करने को विवश हैं। वायरल वीडियो में भी यात्रियों को ट्रेन के गेट पर खड़े और लटकते हुए देखा जा सकता है, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है।
बढ़ती मांग के बीच सुविधाएं अपर्याप्त
बालोद और आसपास के क्षेत्रों से दुर्ग-रायपुर की ओर दैनिक आवागमन करने वाले लोगों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। औद्योगिक गतिविधियों, शैक्षणिक संस्थानों और रोजगार के अवसरों के कारण यह रूट महत्वपूर्ण बन गया है। इसके बावजूद यात्री क्षमता के अनुरूप रेल सुविधाओं का विस्तार नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में अतिरिक्त कोच लगाए जाएं और इस रूट पर लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।
समाधान की जरूरत
वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, तो रेल सेवाओं का विस्तार उसी अनुपात में क्यों नहीं हो रहा। यदि समय रहते अतिरिक्त बोगियां और नई सेवाएं शुरू नहीं की गईं, तो भीड़ के बीच यात्रा कर रहे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा और बढ़ सकता है। फिलहाल, हजारों लोग रोजाना इसी जोखिम के साथ अपने गंतव्य तक पहुंचने को मजबूर हैं।

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