अन्य post authorUser 1 29 May 2025

क्या आप जानते हैं? इस बार नौतपा में कम गर्मी से सेहत पर क्या होगा असर? जानिए खतरे और फायदे



post

पब्लिक स्वर/ हर साल की तरह इस बार भी नौतपा शुरू हो चुका है, लेकिन इस बार का नौतपा कुछ अलग है। 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक चलने वाला नौतपा इस बार अपने नाम के अनुरूप तपन नहीं ला सका है।

दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में नौतपा शुरू होने से पहले तेज बारिश, आंधी और मौसम में ठंडक ने न सिर्फ मौसम वैज्ञानिकों को हैरान किया है, बल्कि सेहत पर भी असर डालने की आशंका बढ़ा दी है


☀️ नौतपा क्या है?


नौतपा एक खगोलीय अवधि है जो तब शुरू होती है जब सूर्य चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। यह समय हर वर्ष मई-जून के बीच आता है और 9 दिनों तक सूरज की किरणें धरती पर सबसे तीव्र प्रभाव डालती हैं।

पारंपरिक मान्यता है कि इस समय सूर्य की ऊष्मा चरम पर होती है, जिससे धरती पर भीषण गर्मी पड़ती है और इससे वर्षा चक्र को ऊर्जा मिलती है


???? कृषि और पर्यावरण के लिए क्यों अहम है नौतपा?


नौतपा का सीधा संबंध मानसून की तीव्रता से जोड़ा जाता है।


> “यदि नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी पड़ी हो, तो आने वाले महीनों में बेहतर और तेज वर्षा की संभावना मानी जाती है,”— कृषि विशेषज्ञ


किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है क्योंकि नौतपा के ताप से ही मिट्टी की ऊष्मा संतुलित होती है और मानसून की तैयारी होती है। लेकिन इस बार की ठंडक और बारिश ने इस चक्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


???? कम गर्मी से सेहत पर कैसे पड़ेगा असर?


नौतपा की गर्मी न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि मानव शरीर के चयापचय (Metabolism) को भी नियंत्रित करती है।

जब तापमान अचानक से गिरता है या अपेक्षित गर्मी नहीं पड़ती, तो इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है।


???? संभावित स्वास्थ्य समस्याएं:


1. सर्दी-ज़ुकाम और वायरल इंफेक्शन – तापमान का उतार-चढ़ाव शरीर को कमजोर बना देता है।



2. जोड़ों में दर्द और बदन टूटना – ठंडी हवा और नमी बढ़ने से बुजुर्गों को परेशानी होती है।



3. हाजमे की गड़बड़ी – गर्मी में पाचन तंत्र सक्रिय होता है, लेकिन ठंड से सुस्ती आती है।



4. माइग्रेन और सिरदर्द – लगातार बदलते मौसम से सिरदर्द और थकावट की शिकायतें बढ़ सकती हैं।



5. फेफड़ों की एलर्जी – आंधी और धूल से अस्थमा और सांस की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।


⚠️ बदलते मौसम का संकेत या खतरे की घंटी?


मौसम वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह असामान्य परिवर्तन जलवायु असंतुलन का संकेत हो सकता है।

इस तरह की घटनाएं यदि लगातार होती रहीं, तो न सिर्फ मानसून पर असर पड़ेगा बल्कि बीमारियों का पैटर्न भी बदल सकता है।


✔️ क्या करें, क्या न करें: हेल्थ टिप्स


करें ✅ न करें ❌


हल्का-गर्म खाना खाएं ठंडी और बासी चीज़ें न लें

उबालकर पानी पीएं ज्यादा बाहर घूमने से बचें

नींबू, तुलसी, अदरक लें AC से निकलते ही गर्मी में न जाएं

शरीर को हाइड्रेट रखें मौसम को हल्के में न लें


???? निष्कर्ष: इस बार का नौतपा गर्म नहीं, गंभीर है!


नौतपा सिर्फ एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि प्राकृतिक संतुलन और स्वास्थ्य की कसौटी भी है। इस बार की हल्की गर्मी जहां पर्यावरणीय चिंता पैदा कर रही है, वहीं सेहत को लेकर भी अलर्ट कर रही है।

आवश्यक है कि हम मौसम के इस बदले मिजाज को समझें, और उसके अनुरूप अपनी जीवनशैली ढालें।



PUBLICSWARNEWS CGNEWS

You might also like!


RAIPUR WEATHER