पब्लिक स्वर,बिलासपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ में कथित घोटालों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। दुर्ग के बाद अब बिलासपुर में भी ईडी की टीम ने दबिश दी है। गुरुवार सुबह शहर के प्रमुख सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के निवास और व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर पहुंची टीम दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी हुई है।
बिलासपुर के मध्यनगरी चौक स्थित श्रीराम ज्वेलर्स के संचालक विवेक अग्रवाल के यहां चल रही इस कार्रवाई को राज्य में सामने आए कथित आर्थिक अनियमितताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवेक अग्रवाल के भाई विकास अग्रवाल का नाम पहले से ही चर्चाओं में रहा है। उसे कथित शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर का करीबी माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, करीब 2000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े सिंडिकेट में विकास अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है, और वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
इधर, इसी दिन सुबह ईडी की एक अन्य टीम ने दुर्ग में भी बड़ी कार्रवाई की। यहां भाजपा नेता और अमर इंफ्रा के संचालक चतुर्भुज राठी के महेश कॉलोनी स्थित निवास पर छापा मारा गया। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित जमीन घोटाले की जांच के सिलसिले में की जा रही है।
दो अलग-अलग स्थानों पर एक ही दिन हुई इन कार्रवाइयों से संकेत मिलते हैं कि केंद्रीय एजेंसी राज्य में आर्थिक अपराधों और कथित घोटालों के नेटवर्क को व्यापक स्तर पर खंगाल रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर ईडी की ओर से अब तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे जांच के दायरे और संभावित आरोपों की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है।
फिलहाल, बिलासपुर और दुर्ग दोनों जगहों पर ईडी की टीमें दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। आने वाले दिनों में इन कार्रवाइयों से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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