पब्लिक स्वर,दुर्ग। आखिरकार भारतमाला मुआवजा घोटाले में लंबे समय से घिरे नामों पर कार्रवाई की गाज गिरनी शुरू हो गई जिसे पब्लिक स्वर ने साल 2023 से लगातार उजागर किया, लेकिन तब जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी थीं। अब जब ED ने दस्तक दी है, तो कई बड़े नामों की नींद उड़ना तय है।
बतादे की भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है। अभनपुर में कथित 13 करोड़ रुपए के घोटाले के मुख्य आरोपी गोपाल गांधी के ठिकानों पर छापेमारी के बाद अब एजेंसी ने दुर्ग में भी दबिश दी है। ताजा कार्रवाई में ED की टीम ने भाजपा नेता और अमर इंफ्रा के संचालक चतुर्भुज राठी के महेश कॉलोनी स्थित निवास पर छापा मारा है।
अभनपुर में हुई कार्रवाई को इस पूरे मामले में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गोपाल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम पर फर्जी तरीके से मुआवजा राशि निकालकर शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पूर्व तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू, अन्य तहसीलदारों और तत्कालीन SDM जगन्नाथ वर्मा पर पहले भी आरोप लग चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस घोटाले में अन्नू तारक का नाम भी लगातार सामने आता रहा है, जिसे कथित रूप से प्रमुख भूमिका में बताया जाता है। हालांकि, उसके खिलाफ अब तक कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं होने से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
इधर, अभनपुर और कुरूद के बाद दुर्ग में ED की कार्रवाई से जांच का दायरा और बढ़ गया है। चतुर्भुज राठी, जो अमर इंफ्रा और अमर बिल्डर्स से जुड़े हैं, उनके यहां छापे को भारतमाला परियोजना से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच से जोड़ा जा रहा है। कंपनी की जानकारी के अनुसार, राठी ने 1986 में अमर बिल्डर्स की शुरुआत की थी और बाद में इसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक विस्तार दिया।
लगातार हो रही छापेमारी से संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अब देखना होगा कि यह कार्रवाई सिर्फ सीमित दायरे तक रहती है या फिर घोटाले से जुड़े अन्य कथित बड़े नाम भी जांच के दायरे में आते हैं।
क्या बच जाएंगे बड़े चेहरे?
इस पूरे घोटाले में एक और बड़ा नाम अन्नू तारक का सामने आता रहा है, जिसे “मुख्य किरदार” बताया जाता है। लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ED की एंट्री से खुलेंगे कई राज
ED की जांच शुरू होते ही अब फाइलों में दबे सच बाहर आने की उम्मीद है। जिन लोगों ने सिस्टम का दुरुपयोग कर करोड़ों की बंदरबांट की, उनके खिलाफ क्या वाकई कड़ी कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी राजनीतिक दबाव में ठंडा पड़ जाएगा?
जनता का सवाल:कब होगी असली सफाई?
क्या सिर्फ छोटे खिलाड़ियों पर कार्रवाई होगी या असली “बड़े मगरमच्छ” भी कानून के शिकंजे में आएंगे?
पब्लिक स्वर लगातार इस घोटाले की परतें खोलता रहेगा…

User 1








