पब्लिक स्वर,दुर्ग। दुर्ग जिले की जामुल पुलिस ने गांजा तस्करी के एक अनोखे तरीके का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिकअप वाहन की स्टेपनी (अतिरिक्त टायर) के अंदर गांजा छिपाकर उसकी तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 15 किलो 500 ग्राम गांजा, एक पिकअप वाहन, चार मोबाइल फोन और नकदी जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 17.72 लाख रुपए आंकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 20 जून की दोपहर करीब 1 बजे थाना जामुल को सूचना मिली कि घासीदास नगर मैदान में खड़ी एक सफेद रंग की पिकअप वाहन (CG 07 CZ 8442) में अवैध मादक पदार्थ रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को अपने कब्जे में लिया।
स्टेपनी टायर के अंदर छिपाया गया था गांजा
वाहन की जांच के दौरान उसमें तीन युवक बैठे मिले। तलाशी के दौरान पिकअप में रखी प्लास्टिक कैरेट के बीच दो स्टेपनी टायर दिखाई दिए। पुलिस को टायरों पर संदेह हुआ, जिसके बाद एक ऑटो मिस्त्री को बुलाकर दोनों टायर खुलवाए गए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दोनों टायरों के अंदर विशेष तरीके से पैकेट बनाकर गांजा छिपाया गया था। एक टायर से 16 और दूसरे से 15 पैकेट बरामद हुए। कुल 31 पैकेटों से 15 किलो 500 ग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 7.50 लाख रुपए बताई गई है।
वाहन, मोबाइल और नकदी भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा बिक्री की रकम के रूप में 2 हजार रुपए नकद, चार मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप वाहन भी जब्त की है। जब्त सभी सामग्रियों की कुल कीमत लगभग 17 लाख 72 हजार रुपए आंकी गई है।
तस्करों के नए तरीकों पर पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थ तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सतर्कता और मुखबिर तंत्र की मदद से ऐसे मामलों का लगातार खुलासा किया जा रहा है। स्टेपनी टायर के भीतर गांजा छिपाकर तस्करी करने का यह तरीका भी इसी कड़ी का एक उदाहरण है।फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था तथा इसकी आपूर्ति किस स्थान पर की जानी थी।

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