पब्लिक स्वर,दंतेवाड़ा। जिले के ग्राम अलनार स्थित लौह अयस्क खदान को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। बस्तरिया राज मोर्चा ने मेसर्स आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड पर करोड़ों रुपये के कथित खनन घोटाले, फर्जी उत्पादन, दस्तावेजों में कूटरचना, धोखाधड़ी तथा पेसा कानून के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ किरंदुल थाना में FIR दर्ज करने की मांग की है।
मोर्चा के अनुसार ग्राम अलनार स्थित लौह अयस्क खदान (पंजीयन क्रमांक IBM/4669/2011, माइन कोड 30CHG03003) लगभग 31.56 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है, जिसकी लीज मेसर्स आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड, रायपुर को प्रदान की गई है। संगठन का आरोप है कि पिछले लगभग नौ वर्षों से खदान क्षेत्र में कोई वास्तविक खनन गतिविधि नहीं हुई, इसके बावजूद सरकारी अभिलेखों में हर वर्ष लौह अयस्क उत्पादन और क्लोजिंग स्टॉक दर्ज किया जाता रहा है।
बस्तरिया राज मोर्चा का दावा है कि वर्ष 2018 से 2025 के बीच कंपनी द्वारा करीब 2 लाख 72 हजार 181 टन हेमेटाइट लौह अयस्क उत्पादन दर्शाया गया है, जबकि स्थानीय स्तर पर खदान में किसी प्रकार की सक्रिय खनन गतिविधि दिखाई नहीं देती। संगठन का आरोप है कि कागजों में उत्पादन दिखाकर सरकारी तंत्र को गुमराह किया गया और राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
मामले में ट्रांजिट पास को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। मोर्चा का कहना है कि खदान से लौह अयस्क प्रेषण दर्शाते हुए वाहनों एवं वाहन स्वामियों के नाम दर्ज कर ट्रांजिट पास जारी किए गए, जबकि संबंधित क्षेत्र में खदान तक पहुंचने के लिए समुचित मार्ग तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कथित परिवहन और प्रेषण की वैधता पर गंभीर संदेह उत्पन्न होता है।
संगठन ने आरोप लगाया है कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में स्थित इस खदान से जुड़े मामलों में पेसा कानून के प्रावधानों की भी अनदेखी की गई। मोर्चा का कहना है कि ग्राम सभा की सहमति और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना कागजी खनन दर्शाया जाना आदिवासी अधिकारों के विरुद्ध है।
बस्तरिया राज मोर्चा ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग, भारतीय खान ब्यूरो तथा राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने, कथित अवैध प्रेषण और आर्थिक अनियमितताओं में शामिल लोगों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
मोर्चा का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो करोड़ों रुपये के कथित फर्जी उत्पादन, अवैध प्रेषण और दस्तावेजी धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा हो सकता है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। फिलहाल कंपनी का इस मामले में अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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