रिपोर्ट - राजेश रात्रे
पब्लिक स्वर धमतरी - जिले में पहली दफा ऐस हुआ है कि जिले के शराब दुकानों में दारू की कमी हो गया है।मदिरा प्रेमियों की पसंदीदा देशी प्लेन शराब भट्ठियों में उपलब्ध नहीं हो रहा है।इस बात से मदिरा प्रेमियों में निराशा है तो वहीं शराबी विकल्प के तौर पर महुआ शराब का सेवन कर रहे है।जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
छत्तीसगढ़ सरकार मदिरा प्रेमियों के लिए गुणवत्तायुक्त शराब मुहैया करवाने की दावा करती है।शराबियों के लिए किफायती और ब्रांडेड शराब आबकारी विभाग के माध्यम से दुकानों तक पहुंचती है।लेकिन कुछ दिनों से शराब दुकानों में देशी प्लेन शराब की भारी कमी हो गया है।जिसके कारण शराबियों में निराशा देखी जा रही है
महुआ दारू की ओर शराब प्रेमियों का रुख
देशी ठेकों में सबसे ज्यादा बिकने वाली शराब देशी प्लेन मदिरा है।शराब प्रेमियों के लिए ये अमृत से कम नहीं है। इन दिनों ठेके में प्लेन की भरी दिक्कत हो गया है लिहाजा शराब प्रेमी दूसरे विकल्प की तलाश कर रहे है।विकल्प के तौर पर अब लोग महुआ शराब की ओर रुख कर रहे है।महुआ की तलाश करते हुए लोग कोपेडीह तक पहुंच रहे है।
यह वही गांव है जहां वर्षों से महुआ शराब के जाम छलकते है।इन दिनों यहां लोग दूर दूर से पहुंच रहे है और अपनी तलब मिटा रहे है।जाहिर है बड़े पैमाने में कच्ची शराब का उत्पादन भी हो रहा है।शायद आबकारी विभाग की नज़र अभी तक यहां नहीं पड़ी होगी।
महुआ शराब के कीमतों में भी भारी उछाल
अचानक डिमांड बढ़ने के कारण महुआ शराब की कीमतों में भी भारी उछाल आने की बात ग्राहक बताते है।ग्राहकों ने बताया कि 80 रुपए में मिलने वाली बोतल को अब 200 रुपए तक बेच रहे है।वहीं महुआ शराब में गरम पानी मिलकर देने की बात भी ग्राहक बताते है।इस तरह से ग्राहक ठगे जा रहे है।
आबकारी विभाग की दबिश के बावजूद प्रकरण नहीं
कोपेडीह में वर्षों से कच्ची शराब बनता आ रहा है।कई बार बड़ी कार्यवाही होने बावजूद सुधार नहीं आ रहा है।वही कलेक्टर नम्रता गांधी के कार्यकाल में पुलिस अधीक्षक अंजनेय वार्ष्णेय ने एक साल पहले बड़ी कार्यवाही की थी।जिसमें लगभग 15 लोगों के खिलाफ कार्यवाही कर जेल भेजा गया था। उसके बाद से लेकर अब तक आबकारी विभाग की दबिश तो होती है परन्तु प्रकरण विरले ही बने है।क्या पता शायद विभागीय अधिकारियों को लहान और शराब मिलता ही न हो...? लाज़मी है।

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