पब्लिक स्वर,गरियाबंद। गरियाबंद जिले के खरहरी गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कार्यक्रम स्थल के पास मौजूद एक विशालकाय पीपल का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 2 बच्चों समेत कुल 7 लोग घायल हो गए। घायलों में कई लोगों के हाथ-पैर में चोट और फ्रैक्चर की जानकारी सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम देखने के लिए कुछ लोग पेड़ पर चढ़े हुए थे। इसी दौरान अचानक पेड़ की एक बड़ी शाखा टूटने के बाद पूरा पेड़ जमीन पर आ गिरा। पेड़ गिरते ही कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और पेड़ के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।
घटना के समय जिला कलेक्टर समेत प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। हादसे के तुरंत बाद कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सुशासन तिहार शिविर को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए गरियाबंद जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरीश चौहान ने बताया कि सभी घायलों का इलाज जारी है। कुछ लोगों के हाथ और पैर में मामूली फ्रैक्चर पाए गए हैं, जबकि अन्य को सामान्य चोटें आई हैं। फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे में पेड़ की चपेट में आकर वहां खड़ा एक छोटा हाथी वाहन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन के अगले हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि पेड़ काफी पुराना और कमजोर हो चुका था। साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों के पेड़ पर चढ़ने से उसका संतुलन बिगड़ गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
यह घटना सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित बड़े सरकारी कार्यक्रमों में अक्सर लोग बेहतर दृश्य देखने के लिए पेड़ों या अस्थायी ढांचों पर चढ़ जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रशासन को ऐसे आयोजनों में संभावित जोखिम वाले पेड़ों और संरचनाओं का पहले से निरीक्षण कराना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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