पब्लिक स्वर,जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर स्थित सरगीपाल तेंदूपत्ता गोदाम में मंगलवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। गोदाम के 5 नंबर फड़ में लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। वन विभाग की टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और नुकसान का आंकलन करने में जुट गई। हालांकि देर शाम तक आग से हुए वास्तविक नुकसान का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आ पाया था।
पिछले वर्ष का संग्रहित माल जलने की आशंका
जानकारी के अनुसार गोदाम में रखा तेंदूपत्ता पिछले वर्ष का संग्रहित स्टॉक था, जिसकी बिक्री पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में माल गोदाम में मौजूद था। तेंदूपत्ता अत्यधिक ज्वलनशील माना जाता है, ऐसे में गर्मी के मौसम में इसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी होती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग शॉर्ट सर्किट, लापरवाही या किसी अन्य कारण से लगी।
बीजापुर घटना के बाद फिर सामने आई लापरवाही
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही बीजापुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें करोड़ों रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा तेज हुई थी, लेकिन जगदलपुर में दोबारा हुई इस घटना ने यह संकेत दिया है कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा उपायों को लेकर अब भी गंभीर कमियां मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत, जांच की मांग
आग लगने के बाद आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल गया, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दमकल विभाग नहीं पहुंचता, तो आग और भी बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी।
फिलहाल वन विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटा हुआ है। प्रारंभिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना हादसा थी या सुरक्षा मानकों में किसी तरह की चूक का परिणाम। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच अब यह मांग भी उठने लगी है कि तेंदूपत्ता गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराया जाए।

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