पब्लिक स्वर,दुर्ग। दुर्ग नगर निगम की महापौर अल्का बाघमार एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार मामला उनके निरीक्षण दौरे के दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर है, जिसमें एक हथियारबंद पुलिस जवान उनके पीछे-पीछे छाता लेकर चलता दिखाई दे रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर वीआईपी संस्कृति, पुलिस व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर बहस तेज हो गई है।
निरीक्षण दौरे का वीडियो बना विवाद की वजह
जानकारी के मुताबिक, महापौर अल्का बाघमार 26 मई को पटरीपार क्षेत्र के औद्योगिक नगर वार्ड क्रमांक 17 और 18 स्थित शक्ति नगर तालाब का निरीक्षण करने पहुंची थीं। उनके साथ स्थानीय कार्यकर्ता, समर्थक और क्षेत्र के लोग भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बनाया गया वीडियो स्वयं महापौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था। इसी वीडियो में एक पुलिस जवान हथियार के साथ उनकी सुरक्षा में तैनात नजर आता है, जो तेज धूप के बीच उनके ऊपर छाता लगाए लगातार पीछे चलता दिखाई देता है। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
वीआईपी संस्कृति और पुलिस की भूमिका पर सवाल
वीडियो के सामने आने के बाद कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों से इस तरह निजी सुविधा से जुड़े कार्य कराना उचित है। आलोचकों का कहना है कि पुलिस बल का उपयोग सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए होता है, न कि जनप्रतिनिधियों की व्यक्तिगत सुविधा के लिए।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। एनएसयूआई नेता वरूण केवलतानी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जनता जनप्रतिनिधि चुनती है, कोई राजा या रानी नहीं। उनके मुताबिक पुलिस वर्दी सेवा, अनुशासन और सम्मान का प्रतीक है, इसलिए जवानों से छाता पकड़वाना गलत संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात मेहनत कर जनता की सुरक्षा करते हैं और उनसे इस प्रकार का कार्य करवाना वर्दी के सम्मान के खिलाफ माना जाएगा। एनएसयूआई ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और पुलिस व्यवस्था दोनों के लिए अनुचित बताया है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने इसे दिखावा और वीआईपी कल्चर बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे सामान्य प्रोटोकॉल जैसा मामला कहकर ज्यादा महत्व न देने की बात कही। एक यूजर ने लिखा, “दीदी, जवान का इस तरह छाता पकड़ना ठीक नहीं लग रहा। छत्तीसगढ़ में बड़े नेताओं के साथ भी ऐसा कम ही देखा जाता है।” वहीं एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “देश का जवान मैडम का छाता लेकर घूम रहा है।”
पहले भी विवादों में रह चुकी हैं महापौर
यह पहला मौका नहीं है जब महापौर अल्का बाघमार किसी वीडियो को लेकर चर्चा में आई हों। इससे पहले भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक व्यापारी को धमकाते हुए और थप्पड़ मारने जैसी बात कहते हुए नजर आई थीं। उस घटना को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी विवाद हुआ था। अब ताजा वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर उनके व्यवहार और सार्वजनिक छवि को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की छवि पर बहस
यह मामला सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे जनप्रतिनिधियों के आचरण, सरकारी संसाधनों के उपयोग और वीआईपी संस्कृति को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों से सादगी और संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में इस तरह की तस्वीरें जनता के बीच अलग संदेश छोड़ती हैं। फिलहाल इस मामले में महापौर अल्का बाघमार या पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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