पब्लिक स्वर,रायपुर। देशभर में बढ़ती गर्मी अब केवल जनजीवन तक सीमित नहीं रही, बल्कि बुनियादी ढांचे पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक लू चलने की चेतावनी जारी की है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इस भीषण गर्मी का सीधा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है। तापमान बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के उपयोग में तेजी आई है, जिससे बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। बढ़ती खपत के कारण ट्रांसफॉर्मरों पर लोड अत्यधिक बढ़ रहा है, जिससे उनके ओवरहीट होने का खतरा भी बढ़ गया है।
इसी खतरे को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। रायपुर के सिविल लाइन स्थित बिजली विभाग कार्यालय में लगे ट्रांसफॉर्मर को ठंडा रखने के लिए कूलर लगाया गया है। यह एक प्रयोगात्मक लेकिन व्यावहारिक उपाय है, जिसका उद्देश्य ट्रांसफॉर्मर के तापमान को नियंत्रित रखना और संभावित खराबी से बचाव करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च तापमान के दौरान ट्रांसफॉर्मर के अंदर तेल और कॉइल का तापमान तेजी से बढ़ता है। यदि यह सीमा से अधिक हो जाए तो ट्रिपिंग, वोल्टेज फ्लक्चुएशन या यहां तक कि ट्रांसफॉर्मर फटने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। इससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि आग लगने जैसी गंभीर घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
बिजली विभाग के इस कदम को अस्थायी राहत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन यह व्यापक समस्या की ओर भी इशारा करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ती गर्मी और ऊर्जा मांग के मद्देनजर बिजली वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की जरूरत है, जिसमें बेहतर कूलिंग सिस्टम, लोड मैनेजमेंट और स्मार्ट मॉनिटरिंग शामिल हो। फिलहाल विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए अन्य आवश्यक इंतजाम भी किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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