पब्लिक स्वर,रायपुर। चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस संगठन में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। ताजा मामला पार्टी से बगावत कर चुके अजीत कुकरेजा से जुड़ा है, जिन पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष को धमकाने और अपशब्द कहने का आरोप लगा है। इस घटना को लेकर सतनामी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात कर कड़ी नाराजगी जताई है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में अजीत कुकरेजा और नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष कमल घृतलहरे के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि इस दौरान कुकरेजा ने बाहें चढ़ाते हुए घृतलहरे को न सिर्फ अपशब्द कहे, बल्कि उन्हें पद से हटाने और “देख लेने” की धमकी भी दी। कमल घृतलहरे सतनामी समाज से आने वाले युवा नेता हैं, जिससे यह मामला सामाजिक संवेदनशीलता भी ग्रहण कर चुका है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद सतनामी समाज में आक्रोश फैल गया। समाज के प्रतिनिधियों ने ब्लॉक अध्यक्ष घृतलहरे के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने इस व्यवहार को न केवल अस्वीकार्य बताया, बल्कि अजीत कुकरेजा के खिलाफ सख्त संगठनात्मक कार्रवाई की मांग भी रखी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो अजीत कुकरेजा पहले भी पार्टी के लिए विवाद का कारण बनते रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भी उन पर बगावती रुख अपनाने का आरोप लगा था, जिसे कांग्रेस की हार के कारणों में गिना गया। सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ पार्टी आलाकमान तक कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं, और उनका नाम अक्सर अनुशासनहीनता के मामलों में चर्चा में रहता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस संगठन के भीतर अनुशासन और नेतृत्व की चुनौती को एक बार फिर उजागर कर दिया है। चुनावी समय में इस तरह के विवाद पार्टी की छवि और संगठनात्मक एकजुटता पर असर डाल सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या वास्तव में अजीत कुकरेजा पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

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