पब्लिक स्वर,महासमुंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से लगे क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने रेहटीखोल चेक पोस्ट पर एक पिकअप वाहन से 125.700 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। तस्कर गांजे को कटहल के नीचे छिपाकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बच सकें। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गांजा, वाहन और मोबाइल समेत करीब 70.93 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि UP-70 LT 0860 नंबर की एक पिकअप गाड़ी रेहटीखोल मार्ग से गुजरने वाली है, जिसमें कटहल की आड़ में बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही रेहटीखोल चेक पोस्ट पर वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। कुछ समय बाद संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, जिसे रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान कटहल के नीचे छिपाकर रखी गई चार प्लास्टिक बोरियों में गांजा बरामद हुआ।
ओडिशा से प्रयागराज ले जाई जा रही थी खेप
पूछताछ में वाहन चालक ने अपनी पहचान धीरेंद्र कुमार गौतम (42 वर्ष) निवासी करछना, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। उसके साथ वाहन में मौजूद लवकुश गौतम (22 वर्ष) निवासी बारा, जिला प्रयागराज को भी हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजे की यह खेप ओडिशा के बलांगीर जिले से प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) ले जाई जा रही थी।
62.85 लाख का गांजा जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 125.700 किलोग्राम गांजा (अनुमानित कीमत 62.85 लाख रुपये), एक मोबाइल फोन (कीमत लगभग 8 हजार रुपये), पिकअप वाहन (कीमत लगभग 8 लाख रुपये) जब्त किया है। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 70 लाख 93 हजार रुपये आंका गया है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर सिंघोड़ा थाना में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
तस्करी के नए तरीकों पर नजर
जांच एजेंसियों के अनुसार, मादक पदार्थ तस्कर अब फल-सब्जियों और अन्य सामान की आड़ लेकर तस्करी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स द्वारा केवल अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट ही नहीं, बल्कि अंदरूनी मार्गों पर भी निगरानी और जांच अभियान तेज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के सोर्स प्वाइंट, डेस्टिनेशन प्वाइंट और वित्तीय लेन-देन (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) की भी पड़ताल कर रही है, ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

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