पब्लिक स्वर,बचेली। कभी नक्सल प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा के साये में रहने वाला बचेली क्षेत्र अब बदलती तस्वीर के साथ नई पहचान बना रहा है। वर्षों तक सादे कपड़ों में ड्यूटी करने को मजबूर पुलिस जवान अब गर्व के साथ खाकी वर्दी पहनकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। यह बदलाव केवल पुलिस व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्र में लौटती शांति और सामान्य माहौल का भी बड़ा संकेत माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पिछले 25 से 30 वर्षों तक सुरक्षा कारणों से पुलिसकर्मियों को यूनिफॉर्म पहनने से बचना पड़ता था। नक्सलियों द्वारा पुलिस जवानों की पहचान कर उन्हें निशाना बनाए जाने का खतरा लगातार बना रहता था। इसी वजह से पुलिस जवान सादे कपड़ों में रहकर गुप्त रूप से अपनी ड्यूटी निभाते थे।
हालात अंदरूनी इलाकों में बदतर थे वहां वर्दी पहनना तो मुश्किल था ही विशेष परिस्थितियों में अपनी पहचान छुपाकर जवानों को जान बचानी पड़ती थी।
लेकिन अब हालात तेजी से बदले हैं। लगातार चलाए गए सुरक्षा अभियानों और नक्सल गतिविधियों के खात्मे के बाद क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटती दिखाई दे रही है। पुलिस विभाग ने भी नियमित वर्दी में ड्यूटी करने के निर्देश जारी किए हैं। बचेली थाना सहित आसपास के इलाकों में अब पुलिस जवान खुले रूप से खाकी वर्दी में नजर आने लगे हैं।
इस बदलाव से स्थानीय नागरिकों में भी खुशी और विश्वास का माहौल है। लोगों का कहना है कि पहले पुलिसकर्मियों की पहचान करना मुश्किल होता था, लेकिन अब वर्दी में पुलिस जवानों को देखकर सुरक्षा और प्रशासन पर भरोसा मजबूत हुआ है। आम नागरिक इसे क्षेत्र में लौटती शांति और स्थिरता का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। बस्तर आईजी पी सुन्दरराज के दिशा निर्देश पर जिलों के सभी एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिसकर्मी नियमित रूप से यूनिफॉर्म में ही ड्यूटी करें। अधिकारियों का मानना है कि इससे पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बढ़ेगा, जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और पुलिस की उपस्थिति भी अधिक प्रभावी दिखाई देगी।
वर्षों बाद बचेली की सड़कों और थानों में लौटती खाकी वर्दी अब केवल एक ड्रेस नहीं, बल्कि नक्सलवाद की कमजोर पड़ती पकड़ और क्षेत्र में मजबूत होते विश्वास की नई पहचान बन गई है।

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