पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले के ग्राम करगा से एक अनोखी और पारंपरिक बारात इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां आजकल शादियों में लग्जरी गाड़ियों और आधुनिक साधनों का चलन बढ़ गया है, वहीं करगा निवासी युवक कुलेश्वर साहू ने अपनी शादी को खास बनाने के लिए पुरानी परंपरा को अपनाया और बैलगाड़ी में बारात निकालकर अलग पहचान बनाई।
जानकारी के अनुसार, कुलेश्वर साहू की शादी दरबा गांव की युवती के साथ तय हुई थी। करगा से दरबा की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है, जिसे बारातियों ने बैलगाड़ियों के माध्यम से तय किया। बारात में कई बैलगाड़ियां शामिल थीं, जिन्हें पारंपरिक तरीके से सजाया गया था। बारातियों ने भी पारंपरिक वेशभूषा में इस आयोजन में हिस्सा लिया, जिससे पूरा माहौल ग्रामीण संस्कृति से सराबोर नजर आया।
बारात जब गांव से निकली तो यह नजारा देखने के लिए आसपास के लोग बड़ी संख्या में जुट गए। रास्ते भर जगह-जगह लोगों ने बारात का स्वागत किया और इस अनोखी पहल की सराहना की। कई लोगों ने अपने मोबाइल में इस दृश्य को कैद किया, जिसके वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले के समय में बैलगाड़ी ही परिवहन का मुख्य साधन हुआ करता था और शादियों में भी बारात इसी तरह निकाली जाती थी। ऐसे में इस पहल ने लोगों को पुरानी यादें ताजा कर दीं। साथ ही यह संदेश भी दिया कि आधुनिकता के बीच भी अपनी परंपराओं को जीवित रखा जा सकता है।
स्थानीय लोगों और बुजुर्गों ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और रीति-रिवाजों के प्रति जागरूकता मिलती है। वहीं कुछ लोगों ने इसे सादगीपूर्ण और कम खर्चीली शादी का अच्छा उदाहरण भी बताया। फिलहाल, यह अनोखी बारात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे परंपरा और संस्कृति से जुड़ाव की एक सकारात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं।

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