पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े कबाड़ नेटवर्क का खुलासा किया है। बिल्हा थाना क्षेत्र के आमापारा में की गई छापेमारी में करीब 83 क्विंटल 15 किलोग्राम संदिग्ध कबाड़ बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 14 लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है। मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
मुखबिर की सूचना पर आधी रात को छापा
पुलिस को सूचना मिली थी कि आमापारा स्थित कबाड़ कारोबारी इमरान कुरैशी के ठिकाने पर बड़ी मात्रा में चोरी का कबाड़ जमा किया गया है और उसे वाहनों में लोड कर बाहर भेजने की तैयारी चल रही है। सूचना के आधार पर बिल्हा थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग के नेतृत्व में पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम गठित की गई। आधी रात को की गई छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर सभी संदिग्धों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान दो मालवाहक वाहन—छोटा हाथी (CG 10 BP 3903) और पिकअप वाहन (CG 10 BZ 1208)—भी जब्त किए गए।
रेलवे से जुड़े लोहे के सामान समेत भारी मात्रा में स्क्रैप बरामद
गोदाम और जब्त वाहनों की तलाशी में रेलवे ट्रैक और संरचना में उपयोग होने वाले कई लोहे के सामान बरामद हुए। इनमें लाइनर, प्लेट, चाबियां, भारी एंगल, लोहे की छड़ें, पाइप और अन्य स्क्रैप सामग्री शामिल है। पुलिस के अनुसार, जब आरोपियों से बरामद सामग्री के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई संतोषजनक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पूरी सामग्री को जब्त कर लिया गया।
सात आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी इमरान कुरैशी समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में इमरान कुरैशी, मनीष सागर, राज साहू, चंदन सवरा, बिरजू मरावी, रामअवतार सवरा, गोलू चौरसिया शामिल हैं।
चोरी के कबाड़ के नेटवर्क की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से चोरी का कबाड़ खरीदने और उसे विभिन्न माध्यमों से खपाने के कारोबार में सक्रिय थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद कबाड़ कहां से लाया गया था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इस गिरोह का संबंध रेलवे संपत्ति की चोरी करने वाले किसी बड़े संगठित नेटवर्क से है।
"ऑपरेशन प्रहार" के तहत कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई "ऑपरेशन प्रहार" के तहत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे संपत्ति की चोरी, अवैध कबाड़ कारोबार और ऐसे अपराधों से जुड़े गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करना है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जिले में ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों की चोरी पर अंकुश लगाया जा सके और कबाड़ माफिया के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

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