पब्लिक स्वर,महासमुंद। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने महासमुंद में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय का घेराव करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी निर्मित हुई, जबकि कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार कर बिजली कंपनी परिसर तक पहुंच गए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव के नेतृत्व में निकाली गई रैली कांग्रेस भवन से शुरू होकर विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय पहुंची। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कार्यालय परिसर के बाहर पहले से ही बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया था।
बिजली दरों में बढ़ोतरी पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के समय जनता को राहत देने और बिजली बिल कम करने का वादा करने वाली भाजपा सरकार अब लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उनका कहना था कि महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए बढ़ते बिजली बिल नई परेशानी बन गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य में गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बिजली दरों में लगातार वृद्धि आम जनता की मुश्किलों को और बढ़ा रही है।
स्मार्ट मीटर को लेकर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। नेताओं का आरोप था कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और कई क्षेत्रों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार और बिजली वितरण कंपनी इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना का लाभ उद्योगपतियों और निजी कंपनियों को पहुंचाने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है, जबकि इसका भार आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
पुलिस से हुई झड़प, बैरिकेडिंग तोड़ी
कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर के भीतर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराया और किसी बड़े विवाद की नौबत नहीं आई।
मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जताया विरोध
घेराव और प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने "बिजली दर वृद्धि वापस लो", "जनता पर अत्याचार बंद करो" और "वादा खिलाफी नहीं चलेगी" जैसे नारे लगाए।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने बिजली कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता विरोधी फैसलों को लागू नहीं करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली दरों में वृद्धि वापस नहीं ली गई और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी और बड़ा आंदोलन करेगी। नेताओं ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल है, इसके बावजूद प्रदेश के उपभोक्ताओं को महंगी बिजली और आपूर्ति संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इसे सरकार की नीतिगत विफलता बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

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