पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों से जबरन पैसे मांगने और कथित बदसलूकी के आरोपों के बीच किन्नर समुदाय के दो गुटों का विवाद खुलकर सामने आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस विवाद को और हवा दे दी, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ा कि मारपीट के बाद दोनों गुट शिकायत लेकर तोरवा थाने पहुंच गए, जहां भी काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ किन्नर ट्रेन के कोच के भीतर यात्रियों के बीच नाचते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि यात्रियों से पैसे लेने के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा के दौरान होने वाली ऐसी घटनाओं पर सवाल उठाए हैं। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली पूजा नामक किन्नर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि यह वीडियो करीब चार महीने पुराना है। उनका कहना है कि हालिया विवाद के बाद उन्हें और उनके समूह को बदनाम करने के उद्देश्य से पुराने वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।
क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर में किन्नर समुदाय के दो प्रमुख गुट—राजा किन्नर और रजिया किन्नर—के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रेनों में पैसे मांगने के क्षेत्रों को लेकर दोनों गुटों के बीच तनातनी बनी हुई है। राजा किन्नर के समर्थक कोटा-पेंड्रा रोड रूट की ट्रेनों में सक्रिय बताए जाते हैं, जबकि रजिया किन्नर के समर्थक बिलासपुर, बिल्हा, रायपुर और रायगढ़ रूट पर यात्रियों से नेग या पैसे मांगते हैं। इसी क्षेत्रीय प्रभाव और वर्चस्व की लड़ाई को विवाद की मुख्य वजह माना जा रहा है।
मारपीट के बाद थाने में भी हुआ हंगामा
सूत्रों के मुताबिक, एक दिन पहले दोनों गुटों के बीच विवाद हिंसक रूप ले बैठा था। आरोप है कि इस दौरान राजा किन्नर के समर्थकों और रजिया किन्नर के चेलों के बीच मारपीट हुई। इसके बाद दोनों पक्ष शिकायत लेकर तोरवा थाने पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थाने में भी दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। बहस इतनी बढ़ गई कि कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद के दौरान पुलिस की भूमिका अपेक्षाकृत निष्क्रिय नजर आई। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और स्थिति सामान्य हुई।
रेलवे सुरक्षा और व्यवस्था पर उठे सवाल
वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोपों ने ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा, जबरन वसूली और सार्वजनिक मर्यादा से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। यात्रियों का कहना है कि कई बार ट्रेन में सफर के दौरान पैसे मांगने वाले समूहों द्वारा दबाव बनाया जाता है, जिससे असहज स्थिति पैदा होती है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता, उससे जुड़े लोगों की पहचान और दोनों गुटों के बीच हुए विवाद की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

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