पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर जिले के मस्तूरी ब्लॉक में 1 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बनी नई सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आमाकोनी से बहतरा तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी है। हालत ऐसी है कि सड़क की डामर परत हाथ से ही निकल रही है। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया है।
यह सड़क ग्राम पंचायत अमगांव के आश्रित ग्राम आमाकोनी से बहतरा तक बनाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तय तकनीकी मापदंडों का पालन नहीं किया गया। सड़क के बेस में मुरूम की जगह मिट्टी डाली गई, जिससे सड़क की मजबूती शुरू से ही कमजोर हो गई। लोगों का कहना है कि पहली बारिश में सड़क धंसने और पूरी तरह खराब होने की आशंका है।
ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण एजेंसी और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। सड़क निर्माण का ठेका अतुल शुक्ला को दिया गया था। लोगों के मुताबिक सड़क पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई और जगह-जगह से गिट्टियां निकलने लगीं। हल्का दबाव पड़ते ही डामर की परत उखड़ रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान भी कई बार अनियमितताओं की शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब सड़क की हालत सामने आने के बाद भ्रष्टाचार के आरोप तेज हो गए हैं।
जनप्रतिनिधियों ने भी जताई नाराजगी
मामला सामने आने के बाद जनपद सभापति, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री और सरपंच सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। सड़क की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की मांग की। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सड़क का वीडियो भी सौंपा, जिसमें डामर की परत हाथ से निकलती दिखाई दे रही है।
“सरकारी पैसे का दुरुपयोग”
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की लाखों रुपए की राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। उनका कहना है कि विभागीय मॉनिटरिंग पूरी तरह कमजोर साबित हुई है। सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। स्थानीय लोगों ने दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सड़क की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण सड़क दोबारा बनाने की मांग उठाई है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि घटिया निर्माण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि सड़क में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम और विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मामले के सामने आने के बाद जिले में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

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