पब्लिक स्वर,बलरामपुर। छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश सीमा पर नशे के खिलाफ बलरामपुर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे से भरे एक 16 चक्का ट्रक को जब्त किया है। शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे धनवार चेकपोस्ट पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य के गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। मामले में अंतर्राज्यीय तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना एवं ट्रक मालिक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, गांजे की यह खेप ओडिशा से लोड होकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी। बसंतपुर थाना पुलिस को पहले से मिले इनपुट के आधार पर यूपी सीमा पर घेराबंदी कर जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार 16 चक्का ट्रक को रोककर तलाशी ली गई।
ट्रक में बनाई गई थी विशेष छिपाने की व्यवस्था
तलाशी के दौरान पुलिस को ट्रक में बड़ी मात्रा में गांजा मिला। तस्करों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए ट्रक के निचले हिस्से में गांजे की बोरियां बिछा रखी थीं, जबकि ऊपर प्लास्टिक की बोरियों में पाउडर भरकर रखा गया था ताकि किसी को शक न हो। ट्रक में 50 से अधिक बोरियों में गांजा भरा हुआ मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
साइबर सेल की मदद से पकड़ा गया फरार मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी लोकेश कुमार, निवासी सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क का सरगना और ट्रक का मालिक है। वह पिछले पांच महीनों से फरार चल रहा था। दरअसल, करीब पांच महीने पहले बलरामपुर पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में 12 क्विंटल गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब 6 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस मामले की जांच के दौरान लोकेश कुमार का नाम सामने आया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
हाल ही में साइबर सेल को सूचना मिली कि लोकेश कुमार स्वयं ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप लेकर छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाया और धनवार चेकपोस्ट पर उसे पकड़ लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है— लोकेश कुमार, निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश (मुख्य सरगना एवं ट्रक मालिक), आमिर, निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि गांजे की यह खेप ओडिशा के सोनपुर जिले से लोड की गई थी।
कई जिलों को पार कर पहुंचा था बॉर्डर तक
इस कार्रवाई ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गांजे से भरा यह ट्रक ओडिशा से छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने के बाद रायगढ़, सरगुजा और सूरजपुर समेत कई जिलों के थाना क्षेत्रों से गुजरते हुए बलरामपुर स्थित यूपी सीमा तक पहुंच गया था। हालांकि, बलरामपुर पुलिस की सतर्कता से तस्करों की योजना नाकाम हो गई।
गांजे का वजन कराया जा रहा
वाड्रफनगर एसडीओपी रामवतार ध्रुव ने बताया कि यह जिले में पकड़ी गई सबसे बड़ी गांजा खेपों में से एक है। फिलहाल ट्रक से गांजे की बोरियां उतरवाकर उनका आधिकारिक वजन कराया जा रहा है। तौल और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांजे की कुल मात्रा और उसकी वास्तविक कीमत की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है।

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