पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जशपुर जिले के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए लोकेर जलाशय योजना के निर्माण कार्यों के लिए 70 करोड़ 15 लाख 10 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जल संसाधन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने से पत्थलगांव विकासखंड के किसानों को खरीफ और रबी दोनों सीजन में सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, योजना से लगभग 2055 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र सिंचित होगा, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। योजना के निर्माण कार्यों के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
निवेशकों को आकर्षित करने हैदराबाद पहुंचे मुख्यमंत्री
इधर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हैदराबाद में आयोजित "छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट" कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इस दौरान वे देश के प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी देंगे। राज्य सरकार का दावा है कि हाल के वर्षों में निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और उद्योग हितैषी बनाया गया है। इसी का परिणाम है कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
कई क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं
सरकार निवेशकों के सामने राज्य में उपलब्ध अवसरों को प्रमुखता से रख रही है। इनमें उद्योग, अधोसंरचना, ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और खनिज आधारित उद्योग प्रमुख हैं। हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
राष्ट्रीय और वैश्विक निवेशकों पर फोकस
हैदराबाद में आयोजित यह कार्यक्रम निवेश आकर्षित करने की राज्य सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री की सक्रिय निवेश प्रोत्साहन पहल के चलते राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच छत्तीसगढ़ की पहचान एक उभरते औद्योगिक गंतव्य के रूप में मजबूत हुई है।
एक ओर जहां जशपुर में सिंचाई परियोजना को मंजूरी देकर ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है, वहीं दूसरी ओर बड़े निवेश आकर्षित कर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने की कोशिश की जा रही है। इससे राज्य में कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों के संतुलित विकास की संभावनाएं मजबूत होती दिखाई दे रही हैं।

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