पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर में लंबे समय से खाली पड़े मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट्स की बिक्री तेज करने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यदि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए बने फ्लैट्स तीन बार विज्ञापन जारी होने के बाद भी नहीं बिकते हैं, तो उन्हें अन्य आय वर्ग के लोगों और संस्थाओं को भी बेचा जा सकेगा। राज्य शासन के इस फैसले का उद्देश्य न सिर्फ खाली भवनों को नुकसान और अव्यवस्था से बचाना है, बल्कि नवा रायपुर की आवासीय कॉलोनियों में तेजी से बसाहट बढ़ाना भी है।
2015 में शुरू हुई थी योजना
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री आवास योजना सह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नवा रायपुर के सेक्टर-16, 30 और 34 में बड़े स्तर पर फ्लैट निर्माण की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत कुल 40 हजार आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया था।
पहले चरण में 6,296 फ्लैट्स पर काम शुरू हुआ। हालांकि, वर्ष 2015 से दिसंबर 2025 तक केवल 3,146 फ्लैट्स का ही आवंटन हो सका, जबकि 3,335 हितग्राहियों ने विभिन्न कारणों से अपना आवंटन निरस्त करा लिया। इससे गृह निर्माण मंडल की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ गई। लंबे समय तक खाली पड़े फ्लैट्स में तोड़फोड़ और चोरी जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ने लगी।
सरकार ने क्यों लिया बड़ा फैसला?
गृह निर्माण मंडल एक स्वायत्तशासी संस्था है, जिसका संचालन स्व-अर्जित संसाधनों से होता है। लगातार खाली पड़े फ्लैट्स और धीमी बिक्री को देखते हुए राज्य मंत्रिपरिषद ने 14 नवंबर 2025 को नियमों में संशोधन का निर्णय लिया।
नए प्रावधान के तहत: तीन बार विज्ञापन के बाद भी अविक्रित रहने वाले फ्लैट्स अब अन्य आय वर्ग के लोगों को भी बेचे जा सकेंगे।
शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी संस्थाएं अपने कर्मचारियों के लिए एक साथ कई फ्लैट खरीद सकेंगी।
अन्य आय वर्ग के खरीदारों को सरकारी अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।
EWS और LIG हितग्राहियों के अधिकार सुरक्षित साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों में ढील से मूल पात्र हितग्राहियों के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे।
पात्र हितग्राहियों को अब भी पहले की तरह अनुदान मिलेगा:
EWS श्रेणी
राज्य शासन अनुदान: ₹1 लाख
प्रधानमंत्री आवास योजना अनुदान: ₹1.50 लाख
LIG श्रेणी, राज्य शासन अनुदान: ₹50 हजार वही सरकार का कहना है कि इन फ्लैट्स का उपयोग केवल संबंधित आय वर्ग के कर्मचारियों के आवास के रूप में ही किया जा सकेगा। चूंकि ये बहुमंजिला फ्लैट्स हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार का ढांचागत बदलाव संभव नहीं होगा।
कई संस्थाओं ने दिखाई रुचि
नियमों में बदलाव के बाद अब बड़े संस्थानों ने फ्लैट खरीदने में रुचि दिखाई है। जानकारी के मुताबिक मेफेयर होटल समूह, स्वास्थ्य विभाग, जीएसटी विभाग और नवा रायपुर के कई शैक्षणिक संस्थानों ने अपने कर्मचारियों के लिए बल्क में फ्लैट खरीदने का प्रस्ताव दिया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे नवा रायपुर की कॉलोनियों में तेजी से आबादी बढ़ेगी और क्षेत्र में सामाजिक व आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।
अभी 500 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध
वर्तमान में गृह निर्माण मंडल के पास EWS और LIG श्रेणी के करीब 500 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इनकी बिक्री पूरी तरह ऑनलाइन और “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर की जा रही है। मंडल का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी गई है ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

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