पब्लिक स्वर,बीजापुर। बीजापुर जिले में डीजल और पेट्रोल की लगातार बनी हुई किल्लत अब किसानों और आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच ईंधन संकट से जूझ रहे किसानों ने सोमवार को विधायक विक्रम शाह मंडावी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। नैमेड क्षेत्र से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां मिनीग्राउंड में आमसभा आयोजित कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के ढाई वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आम जनता और किसानों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और किसान पहले से ही खाद और बीज की समस्या से जूझ रहे थे, वहीं अब डीजल-पेट्रोल की कमी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मंडावी ने कहा कि खेती-किसानी का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है, ऐसे में किसानों को पेट्रोल पंपों से पर्याप्त ईंधन नहीं मिल रहा। कई स्थानों पर किसानों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल व्यवस्था सुधारने और ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
किसानों ने लगाए भेदभाव और कालाबाजारी के आरोप
प्रदर्शन में शामिल दूर-दराज के गांवों से आए किसानों ने बताया कि खरीफ फसल की बुआई का समय नजदीक है, लेकिन डीजल की अनुपलब्धता के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि पेट्रोल पंपों पर उन्हें डीजल-पेट्रोल देने से मना कर दिया जाता है, जबकि कुछ व्यापारियों को जरीकैन और डिब्बों में ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों का कहना है कि बाद में यही ईंधन बाजार में अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को इस स्थिति की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
खरीफ सीजन पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजापुर जैसे आदिवासी और कृषि प्रधान जिले में डीजल की उपलब्धता खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए किसान डीजल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे समय में यदि ईंधन संकट लंबा खिंचता है तो खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई हो और किसानों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जाए।फिलहाल डीजल-पेट्रोल संकट को लेकर किसानों की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है और यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बीजापुर में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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