पब्लिक स्वर,अभनपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने प्रदेश में संभावित जल संकट को लेकर चिंता जताते हुए शासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताई गई है, ऐसे में जल संरक्षण को लेकर अभी से गंभीर रणनीति बनाना जरूरी है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर धनेंद्र साहू ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जलाशयों से गांवों के निस्तारी तालाबों को भरने के लिए नहरों के माध्यम से छोड़े जा रहे पानी को तालाब भरने के बाद व्यर्थ बहने से तत्काल रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पानी की बर्बादी नहीं रोकी गई तो आने वाले समय में किसानों की खरीफ फसल, ग्रामीण क्षेत्रों की निस्तारी व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में वर्तमान जल भंडारण की स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि मिनीमाता बांगो जलाशय में 59.09 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 64.39 प्रतिशत, तांदुला जलाशय में 49.75 प्रतिशत, दुधावा जलाशय में 81.58 प्रतिशत, सिकासार बांध में 51.27 प्रतिशत, खारंग जलाशय में 80.72 प्रतिशत, सौंदूर जलाशय में 66.77 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली में 84.75 प्रतिशत, कोडार जलाशय में 24.66 प्रतिशत, मनियारी जलाशय में 84.81 प्रतिशत, केलो जलाशय में 40.45 प्रतिशत तथा अरपा भैंसाझार जलाशय में 50.71 प्रतिशत जल उपलब्ध है।
साहू ने कहा कि कई छोटे जलाशयों जैसे कुम्हारी, पंखुड़ी और मदन जलाशयों में जल स्तर केवल 3 से 10 प्रतिशत के बीच रह गया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने यह भी कहा कि गंगरेल जैसे बड़े जलाशयों में भी निस्तारी तालाब भरने के बाद अतिरिक्त पानी लगातार बहने से जल स्तर प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और जल संसाधन विभाग से मांग की कि नहरों से बह रहे अतिरिक्त पानी की बर्बादी को तत्काल रोका जाए और जल संरक्षण को लेकर ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही प्रदेशवासियों से भी पानी के दुरुपयोग को रोकने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक होने की अपील की।

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