पब्लिक स्वर,बिलासपुर। बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुड़ी के देवारपारा में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। 11 केवी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर घरेलू सर्विस लाइन पर गिरने से पूरे मोहल्ले में करंट फैल गया। इस हादसे में 17 वर्षीय छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ओवरलोडिंग से टूटा हाईटेंशन तार, पूरे इलाके में फैला करंट
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 10 बजे गांव से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार अचानक टूट गया। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइन पर अत्यधिक लोड होने के कारण यह हादसा हुआ। टूटकर गिरा तार सीधे घरेलू बिजली सप्लाई की सर्विस लाइन पर आ गिरा, जिससे पूरे इलाके में हाई वोल्टेज करंट फैल गया और स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तार टूटने के बाद लंबे समय तक शॉर्ट सर्किट होता रहा। मौके पर चिंगारियां निकलती रहीं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। रात के अंधेरे में इस दृश्य से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
टहलने निकले छात्र की चली गई जान
हादसे के दौरान खाना खाने के बाद घर के बाहर टहलने निकले हिमांशु साहू (17) अंधेरे में सड़क पर पड़े बिजली तार को नहीं देख पाए। जैसे ही वह तार के संपर्क में आया, उसे जोरदार करंट लगा और वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे सीपत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सीपत पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
कई घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी हुए खराब
ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन के घरेलू नेटवर्क पर गिरने से अचानक पूरे मोहल्ले में हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया। उस समय कई घरों में टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू थे। तेज वोल्टेज और शॉर्ट सर्किट के कारण अनेक घरों के उपकरण जल गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
सूत्रों कि मानें तो हादसे के अगले दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण सीपत स्थित बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे और घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि हाईटेंशन लाइनों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव नहीं किया गया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लाइन की जांच और मरम्मत की जाती तो एक छात्र की जान बच सकती थी। फिलहाल पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

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