पब्लिक स्वर,नारायणपुर। नारायणपुर जिले के भरण्डा गांव में धर्मांतरण और पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार सुबह से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर गांव को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन गांव में तनाव बरकरार है।
जानकारी के अनुसार, गांव के करीब 26 मतांतरित परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें गांव छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। परिवारों का कहना है कि उनसे ईसाई धर्म का पालन छोड़कर पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं को अपनाने के लिए कहा जा रहा है। उनका दावा है कि विरोध करने पर उन्हें सामाजिक रूप से अलग-थलग करने और गांव से बाहर करने की कोशिश की गई।
दूसरी ओर, आदिवासी समुदाय के लोगों का कहना है कि गांव में रहने वाले कुछ मतांतरित परिवार पारंपरिक आदिवासी संस्कृति, देवी-देवताओं और सामाजिक परंपराओं का सम्मान नहीं करते। समुदाय का आरोप है कि इससे गांव की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में रहने वाले सभी लोगों को स्थानीय परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
बताया जा रहा है कि इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद कहासुनी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया।
संवेदनशील मुद्दा, प्रशासन की नजर
बस्तर संभाग के कई इलाकों में धर्मांतरण और आदिवासी पहचान से जुड़े मुद्दे पहले भी विवाद का कारण बन चुके हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती संवैधानिक धार्मिक स्वतंत्रता और स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाए रखने की होती है।
भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था चुनने और उसका पालन करने का अधिकार देता है। वहीं, आदिवासी समुदाय अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक व्यवस्था को संरक्षित रखने की मांग करता रहा है। ऐसे में इस प्रकार के विवाद अक्सर सामाजिक तनाव का रूप ले लेते हैं।
पुलिस कर रही निगरानी
प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर बनाए रखी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल भरण्डा गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।

User 1










