पब्लिक स्वर,रायपुर। रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। एयरपोर्ट के वेटिंग हॉल में सीलिंग रिपेयरिंग का काम कर रहा एक मजदूर करीब 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मजदूर एयरपोर्ट के वेटिंग एरिया में मरम्मत कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे आ गिरा। मौके पर मौजूद एयरपोर्ट स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर अपनाए जाने वाले सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि मजदूर ने सेफ्टी बेल्ट समेत जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं पहने थे। यदि यह बात सही पाई जाती है, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। निर्माण और रिपेयरिंग कार्यों में ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, हार्नेस और विद्युत सुरक्षा उपकरण अनिवार्य माने जाते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट जैसे हाई-सिक्योरिटी और हाई-प्रोफाइल परिसर में सुरक्षा नियमों की अनदेखी चिंता का विषय बन गई है।
करंट लगने की आशंका, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
इस मामले में पब्लिक स्वर को अंदरूनी जानकारी भी मिली है कि मजदूर को संभवतः करंट लगा था, जिसके बाद वह अपना संतुलन खो बैठा। सूत्रों के मुताबिक जिस लाइन के आसपास कार्य कराया जा रहा था, वह पूरी तरह बंद नहीं की गई थी और चालू लाइन के दौरान ही मजदूर को ऊपर भेजा गया था। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पब्लिक स्वर स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं करता। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन, ठेका कंपनी और सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। सवाल यह है कि क्या काम शुरू होने से पहले सुरक्षा ऑडिट किया गया था? क्या श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? और यदि बिजली लाइन चालू थी, तो कार्य की अनुमति कैसे दी गई?
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। मृतक मजदूर की पहचान और ठेका कंपनी से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे ने एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर श्रमिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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