पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिला पुलिस में आरक्षकों के स्थानांतरण को लेकर इस बार एक व्यवस्थित और अपेक्षाकृत पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई, जो प्रशासनिक सुधार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में दो वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके आरक्षकों के लिए यह प्रक्रिया लागू की गई, जिसमें उनकी पसंद, कार्यप्रदर्शन और प्रशासनिक आवश्यकता—तीनों को संतुलित करने का प्रयास दिखता है।
जिला स्तर पर आयोजित इस प्रक्रिया में धमतरी, कुरुद और नगरी अनुभागों के साथ-साथ पुलिस लाइन, यातायात शाखा, नियंत्रण कक्ष, एसपी कार्यालय, साइबर थाना, अजाक और महिला सेल जैसे विभिन्न इकाइयों में लंबे समय से पदस्थ आरक्षकों को शामिल किया गया। इन सभी का एक खुला सम्मेलन आयोजित किया गया, जो पारंपरिक बंद कमरे के निर्णयों से अलग एक सहभागी मॉडल को दर्शाता है।
सम्मेलन में आरक्षकों से उनकी इच्छानुसार तीन थाना या चौकी के विकल्प भरवाए गए। यह कदम न केवल कर्मचारियों की प्राथमिकताओं को महत्व देता है, बल्कि कार्य संतुष्टि और मनोबल बढ़ाने की दिशा में भी अहम माना जा सकता है। इसके बाद प्राप्त विकल्पों का विश्लेषण कार्यमूल्यांकन के साथ किया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थानांतरण केवल पसंद पर आधारित न होकर कार्यक्षमता और विभागीय जरूरतों के अनुरूप भी हो। इस पूरी प्रक्रिया के तहत दो अलग-अलग सूचियां जारी की गईं, जिनमें क्रमशः 121 और 71 आरक्षकों के नाम शामिल हैं। इस तरह कुल 192 आरक्षकों का स्थानांतरण जिले के विभिन्न थाना-चौकियों और रक्षित केंद्रों में किया गया है।

User 1














