पब्लिक स्वर,सूरजपुर। सूरजपुर जिले में सूरजपुर और कोरिया की सीमा पर स्थित एक शिव मंदिर परिसर में करीब दो माह की दुधमुंही बच्ची लावारिस हालत में मिली। नेशनल हाईवे-43 किनारे गोबरी नदी के पास स्थित मंदिर में मासूम के मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, सुबह मंदिर के आसपास मौजूद लोगों ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। जब लोग आवाज की दिशा में पहुंचे तो मंदिर परिसर में एक नवजात बच्ची अकेली पड़ी मिली। बच्ची को देखकर लोगों के होश उड़ गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बच्ची को रात के अंधेरे में मंदिर परिसर में छोड़कर कोई फरार हो गया। पुलिस का मानना है कि बच्ची की उम्र करीब दो माह हो सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची को किन परिस्थितियों में छोड़ा गया और उसके माता-पिता कौन हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बच्ची को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसकी देखभाल की व्यवस्था की गई। साथ ही पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल हाईवे और मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि बच्ची को छोड़ने वालों का सुराग मिल सके।
इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां थीं, जिनके चलते किसी ने एक मासूम को मंदिर परिसर में छोड़ देना ही बेहतर समझा? सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नवजात बच्चों को इस तरह लावारिस छोड़ने की घटनाएं न केवल अमानवीय हैं, बल्कि यह समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता की कमी को भी दर्शाती हैं।
फिलहाल पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। वहीं मासूम बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है। इलाके में इस घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी और चर्चा का माहौल है।

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