पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। मंगलवार दोपहर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का असर देखने को मिला। इससे जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर बिजली व्यवस्था, यातायात और सामान्य जीवन बाधित हो गया।
कांकेर जिले के चारामा क्षेत्र में हुई तेज बारिश ने नेशनल हाईवे-30 को प्रभावित कर दिया। सड़क पर पानी भरने से कुछ समय के लिए यातायात धीमा पड़ गया। स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पेंड्रा और आसपास के इलाकों में भी मौसम का असर साफ दिखाई दिया। अमरकंटक में बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन पेंड्रा क्षेत्र में आंधी के चलते बिजली गुल हो गई। गौरेला ओवरब्रिज के पास कई पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ और प्रशासन को रास्ता साफ करने में मशक्कत करनी पड़ी।
मनेंद्रगढ़ जिले के जनकपुर में स्थिति कुछ ज्यादा गंभीर रही। तेज बारिश के चलते पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। मुख्य मार्ग पर पीपल का बड़ा पेड़ उखड़कर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर बिजली के तार भी टूट गए। इससे इलाके में अंधेरा छा गया और आपूर्ति बहाल करने में समय लगा।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेशभर में आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

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