पब्लिक स्वर,रायपुर। मई महीने की शुरुआत के साथ हुई पहली तेज बारिश ने रायपुर में नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। रायपुर दक्षिण के कुशालपुर और प्रोफेसर कॉलोनी की सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के चलते कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। भाठागांव ब्रिज के नीचे पानी भरने और ट्रैफिक दबाव बढ़ने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसका असर मंत्रालय और संचालनालय जाने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ा। स्टाफ बसें घंटों जाम में फंसी रहीं, जिसके कारण अधिकारी और कर्मचारी करीब डेढ़ घंटे से अधिक की देरी से कार्यालय पहुंच सके।
इधर, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिला। धमतरी में तेज धूलभरी आंधी चली, जिससे कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिर गए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। अंधड़ और खराब मौसम के कारण वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई है। वहीं 17 मई से मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में एक ओर जहां बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे रही है, वहीं दूसरी ओर जलभराव और ट्रैफिक जैसी समस्याएं प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं।

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