पब्लिक स्वर,रायपुर/दंतेवाड़ा। Communist Party of India की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में की गई हालिया बढ़ोतरी का तीखा विरोध किया है। पार्टी ने इसे आम जनता, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर “आर्थिक हमला” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
15 मई 2026 को जारी बयान में पार्टी ने कहा कि पहले से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी के बीच ईंधन एवं गैस दरों में वृद्धि ने आम लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। CPI ने आरोप लगाया कि मजदूरों की आय महंगाई के अनुरूप नहीं बढ़ रही, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण से गरीब और मध्यम वर्ग बुनियादी सुविधाओं से दूर होते जा रहे हैं।
“कॉर्पोरेट हितों के लिए संसाधनों का दोहन”
पार्टी ने प्राकृतिक संसाधनों और खनिज क्षेत्रों में कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ने पर भी चिंता जताई। बयान में कहा गया कि स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों के विरोध के बावजूद खदानों और बड़ी परियोजनाओं को निजी कंपनियों को सौंपा जा रहा है, जिससे जमीन, जंगल और जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं।
CPI ने चेतावनी दी कि Chhattisgarh जैसे वन और खनिज संपन्न राज्यों में अंधाधुंध खनन से पर्यावरणीय असंतुलन, वन विनाश और जलवायु परिवर्तन के खतरे लगातार बढ़ रहे हैं।
सरकार से ये प्रमुख मांगें
पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की कि—पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की हालिया मूल्य वृद्धि तत्काल वापस ली जाए।
आवश्यक वस्तुओं और ईंधन पर राहत पैकेज लागू किया जाए।
खनन एवं प्राकृतिक संसाधनों के वितरण में स्थानीय समुदायों और आदिवासियों की सहमति को प्राथमिकता दी जाए।
वनों की कटाई और पर्यावरणीय विनाश रोकने के लिए सख्त नीति लागू की जाए।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
“जनता की आवाज बुलंद करेगी CPI”
पार्टी ने कहा कि वह छत्तीसगढ़ सहित देशभर के लोगों के साथ मिलकर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी और सरकार से जनता के जीवन स्तर की रक्षा के लिए तात्कालिक व दीर्घकालिक कदम उठाने की मांग करेगी।

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